औरैया। सुप्रीम कोर्ट ने परिषदीय स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों को प्रोन्नति के लिए दो वर्ष में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पास करने का फैसला सुनाया है। इस फैसले की जद में जिले के दो हजार शिक्षक आ रहे हैं। उनको टीईटी पास करना होगा। इसे लेकर शिक्षक संगठनों में रोष है। शिक्षक संगठनों के नेता कोर्ट में याचिका दाखिल करने की तैयारी बना रहे हैं।
औरैया जनपद में परिषदीय विद्यालयों में करीब 4500 शिक्षकों की तैनाती हैं। ये शिक्षक आवंटित विद्यालयों में बच्चों को संस्कारवान बनाने में जुटे हैं। इसी बीच सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षकों की पदोन्नति मसले में दो वर्ष में टीईटी पास करना अनिवार्य कर दिया है। ऐसे में वर्ष 2011 से पूर्व बेसिक शिक्षा विभाग में तैनाती पाने वाले शिक्षक भी जद में आ गए हैं जबकि वर्ष 2011 से पहले टीईटी की अनिवार्यता नहीं थी। विभागीय अधिकारियों की माने तो अगले दो साल में करीब 400 शिक्षक रिटायर भी होने के नजदीक हैं। कोर्ट के इस फैसले शिक्षक वर्ग में खलबली मच गई।
शिक्षक संगठनों के नेताओं का कहना है कि साल 2011 से पहले टीईटी अनिवार्य नहीं थी। 2011 के बाद इसे लागू किया गया है। ऐसे में सभी शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता अपने आप में चौकाने वाला है। खास बात तो यह है कि जिले में 700 के करीब ऐसे शिक्षक हैं जो अगले दो साल में रिटायर होने जा रहे हैं। प्रोन्नति के लिए टीईटी की अनिवार्यता जिले के 2000 शिक्षकों पर आकर ठहर गई है। इन शिक्षकों को प्रोन्नति के लिए अब टीईटी पास करनी होगी। बीएसए संजीव कुमार ने बताया कि जिले में इस मानक को लेकर दो हजार के करीब शिक्षक प्रोन्नति से बाहर हो जाएंगे।