जालौन। ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्यान्न वितरण में गड़बड़ी रोकने के लिए पूर्ति विभाग द्वारा ई-पॉस मशीनों का वितरण तो कर दिया गया है। लेकिन अधिकांश ई-पॉस मशीनों में खराबी, नेटवर्क न आने की दिक्कत एवं कोटेदारों को मशीन चलाने का प्रशिक्षण न दिए जाने के चलते खाद्यान्न वितरण नहीं हो पा रहा है। जिसके चलते कार्डधारक तो परेशान हैं ही साथ ही कोटेदार भी पूर्ति कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
राशन की कालाबाजारी रोकने के लिए ई-पॉस मशीनों के माध्यम से खाद्यान्न का वितरण कराया जा रहा है। कोटेदारों को निर्देश हैं कि खाद्यान्न का वितरण ई पॉस मशीनों द्वारा ही किया जाए। अधिकांश ई-पॉस मशीनों में कोई न कोई खराबी आ रही है। कोई मशीन चार्ज नहीं हो रही है तो किसी मशीन में नेटवर्क ही नहीं आ रहा है।
इसके अलावा अन्य समस्याएं आ रही हैं। इन सबसे बड़ी बात तो ये है कि ई-पॉस मशीनों को चलाने के लिए कोटेदारों को प्रशिक्षण भी नहीं दिया गया जिससे कुछ कोटेदार प्रशिक्षण प्राप्त न होने के चलते मशीनों की कार्यशैली को ही नहीं समझ पा रहे हैं। ऐसे में उपभोक्ता भी परेशान हो रहे हैं।
पूर्ति कार्यालय आए कोटेदार जितेंद्र शेखपुर बुजुर्ग, सत्यनारायण रिनियां, केशभान जगनेवा, सुरेश भदेख, रामसिंह भदेख, चंद्रशेखर सुढ़ार, चतुर सिंह मांडरी ने बताया कि ई-पॉस मशीनों के काम न करने के चलते वे खाद्यान्न का वितरण नहीं कर पा रहे हैं।
जब उपभोक्ताओं को बताया जाता है कि जब तक मशीन सही नहीं हो जाती तब तक खाद्यान्न का वितरण नहीं किया जा सकता है, तो वे झगड़े पर आमादा हो जाते हैं। इस बाबत पूर्ति निरीक्षक अमोल सिंह ने बताया कि समस्या आ रही है, उसे दुरुस्त कराया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या आ रही है उसके लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही कोटेदारों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। जल्द ही समस्याओं को दूर कर खाद्यान्न वितरण कराया जाएगा।