बच्चों का भविष्य बर्बाद कर रहे अमान्य विद्यालय
- आठ माह बाद भी अमान्य विद्यालयों पर कार्रवाई नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
औरैया। जिले के अमान्य विद्यालय 128 विद्यालयों में बच्चों का भविष्य दांव पर लगा है। ऐसे विद्यालयों पर शिकंजा कसने के लिए गठित टास्क फोर्स के अधिकारी अभी तक एक भी विद्यालय बंद नहीं करा सके।
जिले में 128 अमान्य विद्यालय चिंहित किए हैं। आठ माह पहले शासन के निर्देश पर अमान्य विद्यालयों पर शिकंजा कसने के लिए टास्क फोर्स गठित की थी। जिसमें डीआईओएस को भाग्यनगर, तहसील औरैया, बिधूना, अजीतमल में संबंधित एसडीएम, अछल्दा को डायट प्राचार्य, सहार व एरवाकटरा का जिम्मेदारी बीएसए को सौंपी गई थी, लेकिन इनमें एक भी विद्यालय आज तक बंद नहीं कराया जा सका है। पिछले दिनों डीएम ने टास्क फोर्स की बैठक के दौरान एक भी विद्यालय पर कार्रवाई न होने पर नाराजगी व्यक्त कर चुके हैं। बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने टास्क फोर्स के अधिकारियों का सहयोग न मिलने की बात कही है।
कोट
नए शैक्षिक सत्र से अमान्य विद्यालय संचालित नहीं होने दिए जाएंगे। इसके लिए रणनीति तैयार कर ली गई है। अमान्य विद्यालयों के आसपास नोटिस चस्पा किया जाएगा। जिसमें अभिभावकों से ऐसे विद्यालयों में अपने बच्चों को दाखिला न दिलाने की अपील की जाएगी
सूर्य प्रकाश सिंह
(बीएसए)