उरई। बुंदेलखंड को पेयजल संकट की समस्या से निजात दिलाने के लिए जनपद में रविवार को होने वाली बैठक की तैयारियों को लेकर दिन भर जिला प्रशासन मुस्तैद दिखा। जहां एक और सभी विभागों के अधिकारी अपने विभाग में बैठक की तैयारी में लगे रहे वहीं शाम को जिलाधिकारी ने आवास पर अधिकारियों के साथ बैठक कर रविवार को होने वाली बैठक तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह अपनी तैयारी पूर्ण कर ले। किसी भी लापरवाही पर जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि बैठक में राज्य सरकार के चार मंत्री, 19 विधायक और विधान परिषद के सदस्यों सहित झांसी व चित्रकूट मंडल के कमिश्नर के साथ भी प्रमुख अधिकारी मौजूद रहेंगे। यह शासन की एक महत्वपूर्ण बैठक है। इस बैठक को अधिकारी गंभीरता से लें। उन्होंने जल संस्थान, जल निगम, नगर पालिका, पंचायत, बिजली विभाग, नहर विभाग, नलकूप विभाग आदि समस्त विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह पेयजल व सिंचाई से संबधित सभी पत्रावली तैयार कर लें।
जिससे की किसी भी सवाल के पूछे जाने पर उनके पास जवाब आंकड़ों सहित रहे। उन्होंने निर्देश दिए कि इस बैठक से संबधित कोई भी अधिकारी बिना अनुमति के जिला न छोड़े, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी। वहीं बैठक को लेकर जिलाधिकारी मन्नान अख्तर ने बताया कि बैठक को दो चरणों में विभाजित किया गया।
प्रथम चरण में सुबह 11 बजे से जिला पंचायत भवन में मंडल के सभी विधायक सांसदों की बैठक होगी। जिसमें वह बुंदेलखंड में पानी की समस्या से प्रतिनिधि मंडल को अवगत कराएगें। वही द्वितीय चरण में विकास भवन में दोपहर 3.30 बजे से प्रतिनिधि मंडल अधिकारियों के साथ बैठक कर पेयजल व सूखे की स्थिति को देखेंगे। इसलिए सभी अधिकारी अपनी पूरी तैयारी के साथ बैठक में आएं।
- दो चरणों में होगी बैठक, बनेगी रणनीति
- सुबह 11 और फिर दोपहर 3.30 बजे पर होगी बैठक
अमर उजाला ब्यूरो