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औपचारिकता में निपटी पालिका बोर्ड की दूसरी बैठक

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कोंच। एजेंडे में कोई खास बिंदु न होने से पालिका बोर्ड की दूसरी बैठक औपचारिकता में निपट गई। एक सूत्री निर्माण कार्यों के एजेंडे को लेकर बुलाई गई इस बैठक में सभासदों के दिए गए प्रस्ताव स्वीकार कर लिए गए। वहीं पिछले बोर्ड में पीपीपी मॉडल पर पांच साल के लिए उठाए गए सागर तालाब के ठेके में विसंगतियां बताते हुए सभासदों ने इसकी पत्रावली अगली बैठक में चर्चा के लिए तलब की है। इसके अलावा दो विवाह घर पहले से ही होने के बावजूद एक और विवाह घर बनवाए जाने का प्रस्ताव रखा गया है।
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पालिका चेयरपर्सन डॉ. सरिता वर्मा की अध्यक्षता और विधायक मूलचंद्र निरंजन व ईओ रवीन्द्र कुमार की मौजूदगी में पालिका बोर्ड की दूसरी बैठक शनिवार को पालिका सभाकक्ष में संपन्न हुई। बैठक का एजेंडा एक सूत्री था जिस पर सभासदों के तकरीबन 70 लाख के निर्माण कार्यों के रखे गए प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई।

सभासद अनिल पटैरया ने सरोजिनी नायडू पार्क स्थित डॉ. अवधबिहारी गुप्त पुस्तकालय एवं वाचनालय में प्रतियोगी परीक्षाओं और युवाओं के लिये ज्ञानवर्धक साहित्य की पुस्तकें मंगाए जाने का भी प्रस्ताव दिया, साथ ही उन्होंने पदेन और नामित सहित सभी सभासदों की नाम पट्टिकाएं सभाकक्ष में रखवाने की भी मांग उठाई।
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सभासद धर्मेंद्र यादव ने राजराजेश्वरी मंदिर (नारायण पुरी मंदिर) इलाके में एक विवाह घर बनवाने का प्रस्ताव दिया, जिस पर विधायक ने जगह की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए इस्टीमेट बनाने के निर्देश दिए। सबसे महत्वपूर्ण मांग उठी सागर तालाब के ठेके को लेकर जो निवर्तमान बोर्ड ने पांच साल के लिए पीपीपी मॉडल के आधार पर ठेके पर उठा रखा है।

सभासदों का आरोप है कि ठेका उठाने में मनमाने तरीकों का इस्तेमाल किया गया है। इस ठेके में तमाम विसंगतियां हैं जिनकी समीक्षा की जरूरत को देखते हुए पत्रावली अगली बोर्ड बैठक में प्रस्तुत करने पर सहमति बनी। इस दौरान जेई सतीश कमल, सेनेटरी इंसपेक्टर अभयसिंह, विजय अवस्थी, आरआई सुनीलकुमार, ब्रजलाल, चंद्रप्रकाश गुप्ता, जीवनलाल बाल्मीकि समेत सभी सभासदगण मौजूद रहे।
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-सभासदों के निर्माण कार्यों के प्रस्तावों को मिली मंजूरी
-एक और विवाह घर बनाने के लिए रखा प्रस्ताव
-सागर तालाब का ठेका सवालों के घेरे में
अमर उजाला ब्यूरो
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