अमर उजाला ब्यूरो
औरैया। आंदोलन की राह पकड़े शिक्षामित्र लगातार स्कूलों से अनुपस्थित चल रहे हैं। इस पर शासन ने बेसिक शिक्षा विभाग से शिक्षामित्रों की हाजिरी मांगनी शुरू कर दी है। खंड शिक्षाधिकारी स्तर से रोज हाजिरी भेजी जा रही है। विभाग की मानें तो रोज 80 फीसदी शिक्षामित्र स्कूलों से अनुपस्थित चल रहे हैं।
सुप्रीमकोर्ट से झटका पाने के बाद से शिक्षामित्र समान कार्य समान वेतन की मांग पर अड़े हैं। शिक्षामित्रों ने शासन के दस हजार रुपये के मानदेय को सिरे से खारिज कर दिया है। शिक्षामित्रों की मांग है कि उन्हें शिक्षक बनाकर शिक्षक के समान वेतन दिया जाए। इस मांग पर दो अगस्त से शिक्षामित्र आंदोलन कर रहे हैं। कभी जिला मुख्यालय में तंबू गाड़ देते हैं तो कभी प्रदेश की राजधानी लखनऊ में डेरा डाल रहे है? मौजूदा समय में शिक्षामित्र दिल्ली के जंतर मंतर में धरना दे रहे हैं। शिक्षामित्रों के आंदोलन के चलते बेसिक शिक्षा की व्यवस्था पटरी से उतरी हुई है। जिले में मौजूदा समय में 1500 शिक्षामित्र दर्ज हैं। इनमें 1361 को अखिलेश सरकार में शिक्षक पद पर समायोजित किया गया था। शासन के निर्देश पर बेसिक शिक्षा निदेशक ने सभी बीएसए से रिपोर्ट तलब की है। अब रोज शिक्षामित्रों की उपस्थिति भेजी जा रही है। विभाग के अनुसार कुछ स्कूलों में जहां महिला शिक्षामित्र हैं वह आ रही है और अधिकतर जगह शिक्षामित्र अनुपस्थित हैं। बीएसए एसपी यादव ने बताया कि शिक्षामित्रों की हाजिरी की रिपोर्ट अलग अलग बनवाई जा रही है। जिसे रोज का रोज शासन को भेजा जा रहा है।