फफूंद। क्षेत्र के अधासी गांव में बंबे किनारे खड़ी गेहूं की फसल में सोमवार सुबह 10 बजे अचानक से आग लग गई। आसपास के खेतों में गेहूं की कटाई कर रहे किसान कुछ समझ पाते तब तक आग ने विकराल रूप ले लिया। आग बुझाने के लिए ग्रामीण बाल्टी से पानी डालते रहे पर जब आग नहीं बुझी तो ग्रामीणों ने जलती फसल को ट्रैक्टर से रौंदकर आग बुझाई। किसानों ने तहसील प्रशासन से मुआवजा दिलाने की मांग की है।
अधासी गांव के बंबे किनारे उमेश मिश्रा के खेत में खड़ी गेहूं की फसल में अचानक आग लग गई। आसपास खेतों में काम कर रहे किसानों ने आग की लपटें उठती देखीं तो शोर मचा दिया। इधर, आग बढ़ती देख माखनपुर, शिबुपुर, अधासी, भर्रापुर के महिला व पुरुष आग बुझाने को दौड़े और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। आग बढ़ती देख कुछ किसान ट्रैक्टर लेकर खेत में आ गए।
जलती फसल को ट्रैक्टर से रौंदा, जिसके बाद आग बुझी। तब तक उमेश की चार बीघा, बृजेश कुमार की ढाई बीघा, रामबाबू की एक बीघा, मुकेश कुमार की ढाई बीघा, कृष्ण गोपाल की एक बीघा व राम बाबू मिश्रा की दो बीघा की फसल जल गई। सुलगती आग पर देर तक किसान पानी डालते रहे। इधर फायर ब्रिगेड के घंटों देरी से पहुंचने पर लोगों में आक्रोश दिखा। घटना की जानकारी पर पहुंचे लेखपाल अश्वनी कुमार व राजस्व अमीन दिलीप कुमार ने आकलन कर पीड़ितों को मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया।
फसल जली, किसान ने मांगा मुआवजा
ऐरवाकटरा। क्षेत्र के ऐरवाटिकटा में रविवार की रात गेहूं की पांच बीघा फसल जल गई। पीड़ित किसान ने मुआवजे दिलाने की मांग की है। किसान शोभाराम दिवाकर ने बताया कि उसने पांच बीघा खेत से गेहूं की कटाई कर गट्ठे बनाकर एक जगह रखे थे। सोमवार को थ्रेसर से मड़ाई होनी थी। रविवार रात अचानक आग लगने से सभी गट्ठे जल कर राख हो गई। उसने गांव के किसी व्यक्ति द्वारा आग लगाए जाने की आशंका जताई है। थानाध्यक्ष रामसहाय पटेल ने बताया कि शिकायत मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी। (संवाद)
झोपड़ी में लगी आग, गृहस्थी राख
ककोर । नवल पुरवा गांव में झोपड़ी में आग लग गई। आग लगने से गृहस्थी जलकर राख हो गई। पीड़ित जसवंत ने बताया कि सोमवार सुबह अचानक से उसकी झोपड़ी में आग लग गई। जब तक वह कुछ समझ पाता आग ने विकराल रूप ले लिया। झोपड़ी के अंदर रखा गृहस्थी का सामान एक पड़िय़ा, दो बकरियां जल गईं। पीड़ित ने करीब दो लाख रुपये का नुकसान होने की बात कही है। (संवाद)
आग बुझाने के बाद खेतों खड़े किसान व ग्रामीण। संवाद- फोटो : AURAIYA