औरैया। जिले में चक्रवाती बारिश का सिलसिला बृहस्पतिवार रात से जारी है। पिछले 36 घंटे से जारी बारिश का आंकड़ा 126 मिलीमीटर तक पहुंच चुका है। लगातार हो रही बारिश के चलते कमजोर मकान और पेड़ भी गिरने लगे हैं। शनिवार को 13 स्थानों पर छत और दीवारें ढहने की घटनाएं हुईं। गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। वहीं, पेड़ों के गिरने से कुछ हद तक सड़कों पर आवागमन थमा। खेतों में बारिश के पानी से हुए जलभराव के बीच चली तेज हवा से धान और बाजरे की फसलें गिर गईं। वहीं, दो दिन से लोग घरों में कैद हो गए हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, 28 सितंबर तक चक्रवाती बारिश का कहर जारी रहेगा। शनिवार को दिन का अधिकतम तापमान 23 डिग्री और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रहा। जो शुक्रवार के मुकाबले दो डिग्री कम रहा। ऐसे में लोगों ने सर्दी का अहसास हुआ। लोग दिन में जरूरी कार्य से ही घरों से निकले। फफूंद कस्बे के महाजनान मोहल्ला में रात जर्जर दीवार गिर गई। इसी तरह कुदरकोट कस्बे में राष्ट्रीय किसान इंटर कॉलेज की बाउंड्री भी गिर गई।
कुदरकोट कस्बे के कुछ घरों में जलभराव के चलते छतें टपकतीं रहीं। दहशत के साये में लोग घरों में नजर आए। बेला-बिधूना मार्ग पर छैरी पुलिया के पास पेड़ सड़क गिरने से कुछ देर आवागमन ठप रहा। सहार के पुर्वाखुते में एक पुराना पेड़ गिर गया। जहां मवेशी दब गए। सहार से लहरापुर को जाने वाला बंबा बारिश के बीच ओवरफ्लो होने की कगार तक पहुंच गया। हालांकि शाम होते-होते जलस्तर कम हो गया।
इसके अलावा कानपुर-इटावा हाईवे में स्थित गल्ला मंडी में जलभराव हो गया। फफूंद के तुलसीपुर निवासी मजदूर संजय अपनी पत्नी माया देवी और बच्चों स्वीटी, अमोल व आदर्श के साथ गांव के किनारे स्थित झोपड़ी में रहता है। शनिवार को झोपड़ी के बाहर खड़ा पेड़ अचानक उखड़कर गिरने से झोपड़ी ढह गई और माया देवी व बच्चे उसके नीचे दब गए। आवाज सुनकर ग्रामीण दौड़े और पेड़ व मलबा हटाने के साथ ईंटें निकालकर माया देवी और बच्चों को बाहर निकाला। बच्चों को मामूली चोटें आईं। हादसे के बाद परिवार सहमा है। वहीं, सेहुद गांव में एसडीएम ने पहुंच ग्रामीणों से बात की और घर गिरी के पीड़ितों को जल्द से जल्द मदद का आश्वासन दिया।
अहनैया नदी का जलस्तर बढ़ने से किसानों की बढ़ीं चिंताएं
अछल्दा। 36 घंटों से हो रही लगातार बारिश के चलते अहनैया नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। नदी का पानी आसपास के खेतों में भर जाने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। नेविलगंज स्थित अहनैया नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी के आसपास के खेतों में पानी भर गया। जिससे किसानों को अपनी बाजरा और धान की फसल डूबने का खतरा सता रहा है। नदी के किनारे बसे मकानों के आसपास भी पानी बढ़ने की आशंका बनी हुई है। किसानों ने प्रशासन से जल निकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है।
वर्जन
मकानों और फसलों में नुकसान को लेकर क्षेत्रीय लेखपाल को सर्वे करने के निर्देश दिए गए हैं। फसल से लेकर भवनों के नुकसान का आकलन किया जा रहा है। सहायता और मुआवजा दिलाया जाएगा।-कमल सिंह, एसडीएम बिधूना
अछल्दा के डुहल्ला गांव में गिरा पड़ा पेड़। संवाद
अछल्दा के डुहल्ला गांव में गिरा पड़ा पेड़। संवाद
अछल्दा के डुहल्ला गांव में गिरा पड़ा पेड़। संवाद