अमर उजाला ब्यूरो
औरैया। ऋण माफी योजना के तहत जिले में पहली किस्त में 4211 किसानों का कर्ज माफ हुआ है। कर्जमाफी का प्रमाण पत्र मिलने के बाद किसानों के चेहरे पर खुशी तो आई मगर बैंक में पहुंचने पर किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गईं। बैंक अभी भी ब्याज बकाया देने की बात कह रहा है।
ऋण माफी योजना के तहत सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक लाख तक कर्ज माफ की घोषणा की। 12 सितंबर को प्रभारी मंत्री ने पहले चरण के 4211 किसानों को कर्जमाफी का प्रमाण पत्र वितरित किया। मगर अभी किसान संकट से उबर नहीं पाया है। बैंक अभी भी किसानों से वसूली की बात कह रहा है।
बेला के किसान अवधेश कुमार ने बताया कि मेरा 70,000 रुपये का लोन था जो माफ हुआ लेकिन जब आज बैंक गया तो कहा कि आपका एक साल छह महीने का ब्याज 7786 बकाया है वो जमा करें तब आपको कर्ज माफ का नो ड्यूज मिलेगा। किसान अरविंद कुमार निवासी नौसार ने बताया कि उनका 69000 रुपये लोन माफ हुआ है लेकिन ब्याज के नाम पर पैसे मांगे जा रहे हैं। राजीव कुमार पुत्र गुरदेव प्रसाद ने बताया कि जब कर्ज माफ हो गया है तो हम ब्याज क्यों दें।
इनसेट-
ये है ऋण माफी योजना
ऋण माफी योजना के तहत लघु व सीमांत किसान जिन्होंने केसीसी पर एक लाख रुपये तक का कर्ज लिया है। उनका मार्च 2016 तक का माफ होगा। अगर इस बीच उन्होंने कर्ज का कुछ हिस्सा जमा किया है तो वह कर्जमाफी के दायरे में नहीं आएगा और बाकी रकम ही माफ होगी। मार्च 2016 के बाद का ब्याज किसान को ही देना होगा।
इनसेट-
31 मार्च 2016 तक का कर्ज माफ हुआ है। इसके बाद का सात फीसदी सालाना के हिसाब से ब्याज देना ही होगा। योजना में इसका स्पष्ट निर्देश है। 2014-15 का कर्ज लिया है और उसका ब्याज 2015-16 में एक लाख रुपये के दायरे में आ रहा है तो उसे माफ किया जा रहा है। वहीं, यदि 2016 का ब्याज माफ नहीं किया जाएगा। - दूधनाथ, एलडीएम
इनसेट-
जिले में पहली लिस्ट में 4211 किसानों का कर्ज माफ हुआ है। बिधूना तहसील में 2405 किसान, अजीतमल तहसील में 616 किसान, औरैया तहसील में 1190 किसानों का कर्ज माफ हुआ है। मगर बैंक ब्याज माफी के दायरे में नहीं है। - अवशेष कुमार, जिला कृषि अधिकारी
मार्च 2016 के बाद का ब्याज वसूल कर रहीं बैंक
12 सितंबर को 4211 किसानों को दिया गया था कर्जमाफी प्रमाणपत्र