बिधूना। लखनऊ में हुई घटना के बाद जिले में अपंजीकृत ई-रिक्शों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की गई। एआरटीओ ने 11 दिन में 111 अपंजीकृत ई-रिक्शे सीज किए। वहीं, नियमों की अनदेखी कर रहे 217 ई-रिक्शों का चालान किया गया।
जनपद में 3282 ई-रिक्शे परिवहन विभाग के आंकड़ों में पंजीकृत हैं। इसके बावजूद सड़कों पर इनकी संख्या दो गुने से अधिक देखने को मिलती है। अधिकांश ई-रिक्शा में तो नंबर प्लेट भी नहीं मिलती है। सरकार के निर्देश पर एक अप्रैल से अपंजीकृत ई-रिक्शों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है।
इसे लेकर एआरटीओ सुदेश तिवारी ने 11 दिन में जिले की सड़कों पर फर्राटा भर रहे 111 ई-रिक्शों को सीज कर थानों में खड़ा करवाया है। वहीं नियमों की अनदेखी व ई-रिक्शा को मालवाहक के रूप में प्रयोग करने वाले 217 ई-रिक्शा का चालान कर दिया।
एआरटीओ ने कहा कि 18 वर्ष से कम आयु के लोग वाहन संचालित करते हुए मिले तो चालक के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। साथ ही वाहन को भी एक साल के लिए जब्त कर लिया जाएगा।
उन्होंने ई-रिक्शा, ऑटो व सवारी वाहनों के चालकों को अपने वाहन के अगले शीशे पर काले रंग से वाहन की पंजीकरण संख्या, पंजीयन की तिथि, वाहन स्वामी व चालक का नाम, मोबाइल नंबर, लाइसेंस संख्या व वैद्यता लिखना अनिवार्य है।
इससे यात्रियों को वाहन चालक के बारे में जानकारी रहेगी। साथ ही अपराध पर भी अंकुश लगेगा। चेकिंग अभियान 30 अप्रैल तक जारी रहेगा।