अब गुड्डू मुस्लिम के ओडिशा से छत्तीसगढ़ भागने की चर्चा है। पुलिस की एक टीम उसके पीछे है। बताया जाता है कि ओडिशा के बारगढ़ में रुकने की सूचना पर पुलिस वहां पहुंची थी। पुलिस ने राजा खान नाम के शख्स को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की। हालांकि बाद में उसे छोड़ दिया।
वहीं उमेश पाल हत्याकांड के फरार शूटर साबिर की तलाश में एसटीएफ की एक टीम मुंबई भेजी गयी है। दरअसल, साबिर अतीक अहमद के संपर्क में आने से पहले मुंबई में आठ साल तक ट्रक ड्राइवर था। उसका भाई जाकिर भी पेशे से ड्राइवर था। दहेज हत्या के मामले में जाकिर के जेल जाने के बाद साबिर प्रयागराज वापस आ गया था और अतीक की गाड़ी चलाने लगा था। वह अतीक और गुड्डू के इशारे पर अपराध करने लगा।
उसकी तलाश में एसटीएफ ने गंगा के कछार इलाके में कई दिनों तक सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। अतीक के साथ रहने की वजह से वह विधायक पूजा पाल और प्रापर्टी डीलर जैद से दुश्मनी मानने लगा था। उसके मददगारों में प्रयागराज निवासी मोहम्मद नफीस, अबु मोहम्मद और उसका साढू शहनवाज शामिल हैं।
उमेश पाल हत्याकांड में पुलिस की विवेचना में सामने आया था कि अतीक के जेल में रहते हुए शाइस्ता ने गिरोह की कमान संभाल ली थी। उसी की देखरेख में ही उमेश पाल हत्याकांड को अंजाम दिया गया। उसने न सिर्फ शूटरों को पैसे दिए बल्कि असद के माध्यम से सभी को दो दो आईफोन भी दिया था। हत्या के बाद से लगातार शाइस्ता को खोजा जा रहा है लेकिन पुलिस अब तक उसे नहीं पकड़ पाई है।
अतीक और अशरफ की हत्या के बाद पुलिस ने कई इलाकों में दबिश दी। कई रिश्तेदारों का पकड़ा गया लेकिन शाइस्ता पकड़ में नहीं आई। अब पुलिस ने उस पर इनाम बढ़ाने की कवायद शुरू कर दी है। शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। उधर रविवार रात और आज दिन में नीवा, असरौली, हटवा, पूरामुफ्ती, बेली, फाफामऊ और नवाबगंज के कछारी इलाकों में शाइस्ता की खोजबीन में दबिश दी गई।