पांच चुनावी राज्यों में से सबसे ज्यादा दागी उत्तर प्रदेश में लड़ रहे हैं। आपराधिक छवि वाले नेताओं के चुनाव लड़ने का आंकड़ा भी काफी बढ़ा है। उत्तर प्रदेश में 2017 में जहां में 18 फीसदी दागी उम्मीदवार चुनाव लड़े थे, वहीं इस बार ये आंकड़ा बढ़कर 26% हो गया है। प्रत्याशियों की ओर से नामांकन के दौरान आयोग को दिए हलफनामे पर एडीआर ने डिटेल रिपोर्ट तैयार की है। इसके मुताबिक, पांच राज्यों में चुनाव लड़ रहे कुल 6,874 प्रत्याशियों में 1,694 ऐसे हैं, जिनपर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें भी 1,262 प्रत्याशी ऐसे हैं, जिन पर गंभीर आरोप लगे हैं।
हर राज्य में बढ़ा दागियों का प्रतिशत
2017 के मुकाबले इस बार हर राज्य में दागियों की संख्या बढ़ी है। उत्तर प्रदेश में जहां दागी 18 फीसदी से बढ़कर 26 फीसदी हो गए। वहीं, उत्तराखंड में ऐसे उम्मीदवारों की संख्या 14 से बढ़कर 17 फीसदी हो गई। पंजाब में 2017 में नौ फीसदी दागी थे, इस बार ये बढ़कर 17 फीसदी हो गए। वहीं, गोवा में दागियों को संख्या 15 से बढ़कर 26 फीसदी हो गई। मणिपुर में पिछली बार महज तीन फीसदी दागी थे। इस बार यहां के 20 फीसदी उम्मीदवार दागी हैं।
किस प्रदेश में कितने दागी प्रत्याशी?
| राज्य |
दागी |
| उत्तर प्रदेश |
26% |
| गोवा |
26% |
| पंजाब |
25% |
| मणिपुर |
20% |
| उत्तराखंड |
17% |
यूपी में सबसे ज्यादा दुष्कर्म, हत्या के आरोपी प्रत्याशी
चुनावी मैदान में हत्या, दुष्कर्म और हत्या के प्रयास के आरोपियों ने भी ताल ठोकी है। यूपी में 37 प्रत्याशी ऐसे हैं, जिन पर हत्या का मुकदमा दर्ज है, जबकि 159 प्रत्याशियों पर हत्या के प्रयास का मामला चल रहा है। 69 प्रत्याशी ऐसे हैं, जिन पर महिलाओं से जुड़े अपराध में शामिल होने का आरोप है। इनमें 11 दुष्कर्म के आरोपी भी हैं। वहीं, पंजाब इस मामले में दूसरे नंबर पर है। यहां के 33 उम्मीदवारों पर हत्या के प्रयास, चार पर हत्या और 15 पर महिलाओं से जुड़े अपराध में शामिल होने का आरोप है।
किस पार्टी ने कितने दागियों को टिकट दिए?
| पार्टी |
दागी प्रत्याशी |
| शिरोमणि अकाली दल |
68% |
| समाजवादी पार्टी |
56% |
| आरएलडी |
51% |
| भाजपा |
38% |
| बसपा |
35% |
| कांग्रेस |
34% |
| आम आदमी पार्टी |
25% |