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पुलिस गुरुकुल में पढ़ाई जाएगी मर्डर मिस्ट्री

Wed, 27 Nov 2013 10:43 AM IST
पुनीत शर्मा/मुरादाबाद
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आरुषि हत्याकांड यानी देश की सबसे बड़ी मर्डर मिस्ट्री पुलिस ट्रेनिंग का हिस्सा बनने जा रही है। क्राइम सीन से लेकर एफआईआर तक से डिप्टी एसपी, इंसपेक्टर और दरोगा रूबरू होंगे। किस तरह से विवेचना चली।
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तलवार दंपति को पुलिस ने किस आधार पर शुरूआत में ही दोषी मान लिया था और क्यों राजेश तलवार की गिरफ्तारी हुई? इस पूरे हत्याकांड की तफ्तीश को केस स्टडी के रूप में शामिल किया जाएगा।

देश के चर्चित प्रकरण पुलिस ट्रेनिंग का हिस्सा बनते रहे हैं। खासतौर पर ऐसे मामलों की विवेचना से अधिकारियों को रूबरू कराने के लिए आरुषि हत्याकांड से जुड़े तथ्य भी पुलिस अकादमी और पीटीसी समेत सभी ट्रेनिंग सेंटरों में पढ़ाने पर विचार चल रहा है। जब घटना हुई थी तब पुलिस को क्राइम सीन पर क्या क्या सुबूत मिले?
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तफ्तीश में लगे अफसरों को और क्या सावधानी बरतनी चाहिए थीं? तलवार दंपति ने पुलिस को गुमराह करने के लिए कौन कौन से हथकंडे अपनाए? पुलिस के सामने कहां और क्या बाधाएं आईं?

डीजी ट्रेनिंग बीएम सारस्वत ने बताया कि कौन कौन से साक्ष्य किस तरह से अदालत में रखे गए तथा सीबीआई ने दोषियों को सजा दिलाने के लिए किस तरह से तफ्तीश की, इन बिंदुओं को भी ट्रेनिंग में शामिल किया जाएगा।    

तलवार दंपति ने डलवाया था सियासी प्रेशर
उत्तर प्रदेश पुलिस ने आरुषि मर्डर केस का खुलासा घटना के पांचवें दिन ही कर दिया था। मेरठ के तत्कालीन आईजी गुरुदर्शन सिंह ने बाकायदा प्रेस कांफ्रेंस में इशारा किया। मगर इस पर सियासी हल्ला मचाकर पुलिस को ही घेरने की कोशिश की गई।

उस वक्त डीजीपी रहे विक्रम सिंह ने कहा कि जब पुलिस ने कार्रवाई को आगे बढ़ाया तो प्रेशर पड़ने लगा। दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई सियासी दिग्गजों ने तलवार दंपति को बेकसूर बताते हुए पुलिस कार्रवाई रोकने को कहा था। मगर पुलिस ने राजेश तलवार को गिरफ्तार कर लिया था।
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