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आरुषि केस: अभियोजन पर भारी पडे़ डीएनए एक्सपर्ट

Sat, 21 Sep 2013 12:03 AM IST
अमर उजाला, गाजियाबाद
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आरुषि-हेमराज मर्डर केस में लंदन से आए डीएनए एक्सपर्ट डॉ. आंद्रे सेमीखोस्की से अभियोजन की जिरह पूरी हो गई।
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डिफेंस की एक अर्जी पर सुनवाई के बाद विशेष न्यायाधीश एस. लाल ने घटनास्थल से बरामद खुखरी को सील करने का आदेश दिया है।

इसके अलावा डिफेंस की उस अर्जी को कोर्ट ने खारिज कर दिया है, जिसमें डॉ. आंद्रे से कुछ और सवाल पूछने की बात कही गई थी।

कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए अब 23 सितंबर की तारीख तय की है। नियत तारीख पर कोर्ट में डॉ. महापात्रा को बुलाने संबंधी अर्जी पर बहस होगी।

सीबीआई के वरिष्ठ लोक अभियोजक आरके सैनी और बीके सिंह के एक सवाल का जवाब देते हुए डॉ. आंद्रे का कहना था कि व्यक्ति सर्टिफाइड नहीं होता, लैब सर्टिफाइड होती है।

उनका कहना था कि वह किसी डॉ. लालजी सिंह को नहीं जानते, जिन्हें डीएनए का पिता कहा जाता हो। उनका कहना था कि मेरे पास अपना साहित्य है।

‘डीलिंग विद डीएनए एवीडेंस, ए लीगल गाइड’ नामक इस किताब के पेज नंबर 163 में पीटर गिल का लेख प्रकाशित है। पीटर गिल को फोरेंसिक डीएनए विश्लेषण का पिता कहा जाता है।
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डॉ. आंद्रे का कहना था कि क्राइम सीन से जितने भी सबूत एकत्र किए जाते हैं उन सभी में कुछ न कुछ छेड़छाड़ जरूर की गई होती है। चाहे अपराध से पहले, अपराध के समय या फिर अपराध के बाद। किन्तु यह मान लेना कि उन सबूत से डीएनए नहीं निकाला जा सकता, गलत है।

दीवार पर खूनी पंजे के निशान के बारे में अभियोजन का कहना था कि उसे निकालते समय कई लोगों के हाथ उस पर लगे थे।

इस पर आंद्रे का कहना था कि उसे विश्वास है कि भारतीय पुलिस ने सैंपल लेने में वहीं प्रक्रिया अपनाई होगी, जोकि हमेशा अपनाई जाती है।

उनका कहना था कि जिन लोगों ने लैब में डीएनए पर काम किया होगा, उन्होंने निश्चित ही वैज्ञानिक पद्धति अपनाई होगी।

अगर ऐसा हुआ होगा तो निश्चित ही बरामद सबूतों से एलसीएन डीएनए निकाला जा सकता है। अभियोजन ने गवाह के समक्ष उसका लेटर रखते हुए कहा कि उस पर उनकी मुहर नहीं है।

इसके जवाब में डॉ. आंद्रे का कहना था कि 20 साल पहले लंदन में मुहर लगाने का सिस्टम खत्म हो चुका है। इसकी कोई जरूरत नहीं होती। वैसे भी यह रिपोर्ट उसने दी है और वह कोर्ट के समक्ष मौजूद है।
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डॉ. बीके महापात्रा के बारे में आंद्रे का कहना था कि उसे नहीं पता कि महापात्रा ने एनएबीएल की गाइड लाइन का फालो नहीं किया।

कोर्ट ने दी सही व्यवहार की सलाह
सीबीआई विशेष न्यायाधीश एस. लाल ने सीबीआई लोक अभियोजक आरके सैनी को एक सवाल पर टोकते हुए अतिथि से सही व्यवहार करने की सलाह दी।

सैनी ने जिरह के दौरान ही लंदन के डीएनए एक्सपर्ट डॉ. आंद्रे से तेज स्वर में कहा था कि ‘आप ओवर स्मार्ट बन रहे हैं।’

इस पर विशेष न्यायाधीश का कहना था कि ‘यह हमारे मेहमान हैं, सम्मानित व्यक्ति हैं, इनसे जिस तरीके का व्यवहार करना चाहिए, आपको उसकी जानकारी होनी चाहिए। आपको अपने व्यवहार के लिए माफी भी मांगनी चाहिए।’
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