लगातार आसमान छूतीं जमीन की कीमतों की वजह से जिनके लिए शहर के बीच सस्ते फ्लैट खरीदना नामुमकिन हो गया था, अब उनका सपना सच होगा।
यह संभव होगा लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के डेढ़ साल पुराने उस प्रस्ताव के मंजूर हो जाने से, जिसके अनुसार दो हजार वर्ग मीटर से कम क्षेत्रफल में ग्रुप हाउसिंग बिल्डिंग बनाई जा सकेगी।
इस प्रस्ताव को नई आवास नीति में मंजूरी मिल गई है।
एलडीए उपाध्यक्ष कहते हैं कि, इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने से आवास सस्ते होंगे। प्लॉट का न्यूनतम क्षेत्रफल 300 वर्ग मीटर होना जरूरी है।
बिल्डरों की रुकेगी मनमानी
इससे छोटे प्लॉटों में अपार्टमेंट वैध हो जाएंगे। फिलहाल 2000 वर्ग मीटर (करीब 21000 वर्ग फीट) भूमि से कम पर अपार्टमेंट बनाना वैध नहीं है। इसकी वजह से राजधानी में 2000 वर्ग मीटर से कम के बड़े प्लॉट या तो निष्प्रयोज्य हो रहे हैं या उन पर अवैध बिल्डिंगों का निर्माण किया जा रहा है।
माना जा रहा है कि इस प्रस्ताव से बिल्डरों की मनमानी नहीं चलेगी।
सस्ते होंगे फ्लैट्स
एकल आवासीय नक्शा पास करा के बिल्डर लोगों को महंगे दामों पर फ्लैट बेच रहे हैं। छोटी ग्रुप हाउसिंग का फैसला हो जाने से एक ओर तो प्राधिकरण को नक्शा पास कराने के दौरान खासी आय होगी। वहीं दूसरी ओर जनता को कम दामों में शहर के बीच सस्ते फ्लैट मिल सकेंगे।