मुठभेड़ में मारे गए अनीश के दो घायल साथी आज़ाद और विशंभर दयाल उर्फ लल्लू
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गत 30 अगस्त की सुबह सुल्तानपुर में तैनात महिला मुख्य आरक्षी सुमित्रा पटेल अयोध्या रेलवे स्टेशन पर मनकापुर से पहुंची सरयू एक्सप्रेस ट्रेन में गंभीर रूप से घायल मिली थीं। उनके सिर, गले व मुंह पर तेज धारदार हथियार के गहरे निशान थे। उनका अभी भी गंभीर हालत में लखनऊ में इलाज चल रहा है। मामले में अयोध्या कैंट जीआरपी ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की लेकिन सफलता नहीं मिली। बाद में जांच यूपी एसटीएफ सौंप दी गई। पीड़िता सिपाही करीब 10 दिनों तक बयान देने की हालत में नहीं थी। अधिकारियों के मुताबिक आरोपियों की पहचान पीड़िता आरक्षी ने भी की थी। इसके बाद तीनों की तलाश तेज कर दी गयी थी। एसपी रेलवे पूजा यादव, एसपी सिटी मधुबन सिंह सहित अन्य अधिकारियों ने जब गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ की है।
महिला मुख्य आरक्षी पर जानलेवा हमला करने वाले तीनों बदमाश ट्रेनों में आपराधिक वारदातों को अंजाम देते थे। उनके खिलाफ कई मुकदमे भी दर्ज है। एसटीएफ की जांच में सामने आया कि तीनों कूरेभार स्टेशन पर सरयू एक्सप्रेस की जनरल बोगी पर सवार हुए थे। उस दौरान बोगी में महिला मुख्य आरक्षी के अलावा दो साधू बैठे थे। महिला आरक्षी अपना बैग सिरहाने रखकर सो रही थी। तीनों ने लूटपाट करने का प्रयास करने के दौरान छेड़खानी शुरू कर दी। विरोध करने पर अनीस ने उसके गाल पर ब्लेड से हमला किया और उसका सिर कई बार खिड़की से लड़ा दिया। अचानक अयोध्या जंक्शन से करीब दो किमी पहले रामगढ़ हाल्ट पर ट्रेन धीमी होने लगी, जिससे तीनों को लगा कि किसी ने चेन पुलिंग कर दी है। इससे घबराकर तीनों ट्रेन से कूद गए और ऑटो से अयोध्या आने के बाद अलग-अलग जगह फरार हो गए। एसटीएफ को अनीस के मोबाइल की लोकेशन बीटीएस से मिली, जिसके समानांतर महिला आरक्षी और बाकी दोनों हमलावरों की लोकेशन भी मिल रही थी।
अयोध्या में सरयू एक्सप्रेस ट्रेन में महिला मुख्य आरक्षी पर जानलेवा हमला करने की घटना का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को डीजीपी मुख्यालय ने एक लाख रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। स्पेशल डीजी कानून-व्यवस्था एवं अपराध प्रशांत कुमार पुलिस टीम को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित करेंगे। उन्होंने बताया कि अनीश के खिलाफ छह मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें गोवध अधिनियम, पाक्सो, गैंगस्टर, हत्या का प्रयास के मुकदमे शामिल हैं। इसी तरह आजाद पर 12 मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें गोवध का एक और पाक्सो अधिनियम के दो मुकदमे शामिल हैं। इसके अलावा विशंभर दयाल पर तीन मुकदमे दर्ज हैं।