मुरादाबाद। मुरादाबाद आ रहे गाजियाबाद के डासना मंदिर के महंत और जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद को पुलिस ने शहर की सीमा पर रोक दिया। वह बृहस्पतिवार को संभल प्रकरण को लेकर आयोजित बैठक में शामिल होने मुरादाबाद आ रहे थे। पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर पाकबड़ा थाने पहुंची। कुछ देर बाद उन्हें वापस गाजियाबाद भेज दिया गया।
पाकबड़ा थाने में मीडियाकर्मियों से बात करते हुए यदि नरसिंहानंद ने कहा कि पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर मो. कैफ ने संगम में डुबकी लगाकर गलत किया है। कुंभ में मुस्लिमों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगाई जानी चाहिए। कुंभ हमारा बड़ा पवित्र स्थल है। वह कहीं थूक मिला रहे हैं और कहीं मूत्र मिला रहे हैं। वक्फ बोर्ड के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह खत्म होना चाहिए। जो वक्फ मांग रहे हैं, वह पाकिस्तान चले जाएं। वह धर्म के नाम पर बंटवारा करके पहले ही जमीन ले चुके हैं। इससे पहले यति नरसिंहानंद के मुरादाबाद आने की सूचना पर प्रशासन अलर्ट हो गया और शहर की सीमा पर मझोला और पाकबड़ा थाने की पुलिस ने उन्हें रोक लिया और हिरासत में ले लिया। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि हिंदू समाज के लोगों ने मुझे मुरादाबाद बुलाया था। वहां संभल प्रकरण को लेकर वार्ता होनी थी लेकिन प्रशासन ने हमें रोक दिया। इस दौरान थाना परिसर में उनके समर्थक भी मौजूद रहे। एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि उन्हें समझाकर वापस भेज दिया गया।
00
बोले- हमें वापस मिलने चाहिए हमारे मंदिर
संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान कि हर मस्जिद के नीचे मंदिर ढूंढने की जरूरत नहीं है, पर नरसिंहानंद ने कहा कि सनातन धर्म और गुरुओं का मानना है कि जहां भी हमारे मंदिर हैं, उनको खोजा जाना चाहिए। सऊदी अरब में काबा को खोदकर देखोगे तो उसके नीचे भी मंदिर ही निकलेगा। हर जगह मंदिर हैं और हमें हमारे मंदिर वापस मिलने चाहिए।