शहरी क्षेत्र की संपत्तियों का सर्वे कार्य पूरा नहीं करने के मामले में दिल्ली की कंपनी फंस गई है। कार्य पूर्ति का समय बीतने के बाद भी सर्वे पूरा नहीं किया गया। बल्कि कंपनी अधिकारी अब पालिका की सीमा आदि से संबंधित सूचनाएं मांग रहे हैं। ईओ ने मसले को गंभीरता से लेते हुए चार सदस्यीय टीम को जांच सौंपी है। सप्ताह भर में पड़ताल कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा है।
नगर पालिका परिषद क्षेत्र के 31 वार्डों की करीब 35 हजार संपत्तियों में ऑनलाइन एप्लीकेशन पर जीआईएस (ग्लोबल इंफार्मेशन सिस्टम) सर्वे का कार्य मै. अर्बन जियोक्राफ्ंट ओपीसी प्राइवेट लिमिटेड नई दिल्ली को सौंपा था। 22 मार्च 2016 को इसका कार्यादेश जारी किया था। छह माह में काम पूरा कर डाटा उपलब्ध कराने को कहा था। निर्धारित समय बीत गया, मगर कार्यदायी फर्म ने डाटा उपलब्ध नहीं कराया।
इस पर दो सितंबर और 18 अक्तूबर को पालिका ने नोटिस जारी कर डाटा प्राप्त कराने के निर्देश दिए थे। 23 फरवरी 2017 को तीन माह बीतने पर अब फर्म ने पालिका में पत्र दिया है कि उक्त सर्वें के अंतर्गत उन्हें पालिका के वार्डों की सीमा निर्धारित करने में कठिनाई हो रही है।
यदि उन्हें वार्डों की सीमा आदि सूचनाएं उपलब्ध करा दी जाती हैं तो अनुबंध के अनुसार निर्धारित डाटा पालिका को दे दिया जाएगा। काम की अवधि व्यतीत होने पर फर्म द्वारा दिए पत्र को अफसरों ने गंभीरता से लिया है। ईओ ने मामले की जांच को चार सदस्यीय कमेटी गठित की है, जिसके द्वारा दो बिंदुओं पर पड़ताल की जाएगी। एक सप्ताह के अंदर जांच रिपोर्ट से वाकिफ कराया जाए।