अमरोहा। तबादला होने से नाराज स्वास्थ्य विभाग के लिपिकों ने कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन किया। शासन की स्थानांतरण नीति को गलत बताया। निदेशक प्रशासन चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं पर सरकार की की छवि धूमिल करने का आरोप लगाया। प्रशासनिक अनियमितता के दृष्टिगत निदेशक को निलंबित कर लिपिकों के स्थानांतरण को निरस्त करने की मांग की।
सोमवार को यूपी मेडिकल एंड पब्लिक हेल्थ मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन के जिला मंत्री चंद्रेश कुमार के नेतृत्व में तमाम लिपिक मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय पर एकत्र हुए। यहां कार्य बहिष्कार करने की बात कहते हुए विरोध-प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं डॉ राजा गणपति आर द्वारा सरकार की स्वच्छ छवि को जानबूझकर धूमिल करते हुए निरंतर प्रशासनिक अनियमितताएं बरती जा रही है। लिपिकों को आर्थिक, मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न करने के उद्देश्य से उनके भारी संख्या में स्थानांतरित की कार्रवाई की गई है। कहा कि प्रदेश में 2817 में सापेक्ष 1772 लिपिकों का ट्रांसफर कर दिया गया, जो गलत है। महिला कर्मचारियों को भी उनके वर्तमान तैनाती स्थल से लगभग 500 से 1500 किलोमीटर दूर भेजा गया है। इसलिए न्यायहित में स्थानांतरण को निरस्त किया जाए। कहा कि अगर कर्मचारियों का तबादला करना है तो स्थानीय जनपदों में किया जाए। मालूम रहे कि सीएमओ कार्यालय में तैनात नौ लिपिकों का तबादला हो चुका है। इसके बाद सत्रह जुलाई को सीएमओ डॉ संजय अग्रवाल ने सभी को जिले से रिलीव कर दिया है। इसके बाद भी कर्मचारी जिले में कार्य बहिष्कार कर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।