अमरोहा। बरसात का मौसम शुरू हो चुका है और बिजली विभाग की व्यवस्था जर्जर तारों की तरह उलझी नजर आ रही है। शहर से लेकर गांव तक बिजली के जर्जर तार और झुके व गले हुए खंभे हादसे को न्योता दे रहे हैं। यह हालात तब है जब विभाग की ओर से गर्मी के मौसम में जर्जर लाइनों व खंभाें को करोड़ों की लागत से बदलवाने के दावे किए गए। अब बरसात में यह अव्यवस्था लोगों की जान पर भारी पड़ सकती है। बीते सोमवार को बारिश के बीच अमरोहा नगर में खंभे पर करंट आने से तालाब में नहा रहे 9 मवेशियों की मौत हो गई थी। जबकि, समय-समय पर लोग जर्जर लाइनों की चपेट में आकर हादसे का शिकार होते रहते हैं। लेकिन, विभागीय अधिकारी खोखले दावे करते हुए ही रह जाते हैं।
जिला मुख्यालय की बात करें तो स्थिति बेहद चौंकाने वाली है। जगह-जगह लोहे के खंभे गल चुके हैं और उन पर लाइन गुजर रही है। नगर के जयओम नगर, बदावाला, पीरगढ़, मोहल्ला नखाशा, चकली, कटरा गुलाम अली, बेगम सराय कलां, कोट चौराहा में बिजली लाइन का जाल बना हुआ है। वहीं, इन स्थानों पर खंभे भी गल चुके हैं। बरसात में यह अव्यवस्था स्थानीय लोगों पर भारी पड़ सकती है। हाल ही में शहर में कई जगह लाइनों में फाल्ट होने के मामले भी हुए।
नगर में बिजली विभाग जर्जर हो चुके खंभे बदलवाने का दावा कर रहा है। मगर हकीकत इससे दूर है। कई मोहल्ले ऐसे हैं, जिनमें बिजली के खंभे पुराने हो जाने के कारण नीचे से गल गए हैं। उन पर बिजली की 11 हजार वोल्टेज की लाइन गुजर रही है। कवि नगर मोहल्ले व अतरपुरा में 11 हजार की लाइन नीचे से गल चुके खंभे पर गुजर रही हैं। बीते साल अक्तूबर में अतरपुरा मोहल्ले में जर्जर लाइन का खंभा टूट कर दुकान पर गिर गया था। उस वक्त हादसा होने से बचा था। मगर इसके बाद भी बिजली विभाग जर्जर खंभों को बदलवाने के लिए गंभीर नहीं है।
विद्युत लाइन के नवीनीकरण में मोटी रकम खर्च होने के बाद भी क्षेत्र में कई स्थानों पर बिजली व्यवस्था का बुरा हाल है। हाईटेंशन लाइन कमजोर व टूटे बिजली के खंभों पर लटक रही है। लेकिन इस तरफ जिम्मेदारों का कोई ध्यान नहीं है। हसनपुर रहरा मार्ग पर गांव मटीपुरा के बस स्टैंड पर हाईटेंशन लाइन टूटे हुए बिजली के पोल से गुजर रही है। ढबारसी पुलिस चौकी के पास टूटे हुए खंबे से बिजली की लाइन गुजर रही है। दूल्हेपुर में जड़ से जर्जर एवं खोखले हो चुके बिजली के पोल से हाईटेंशन लाइन गुजर रही है। रहरा गवां पर रहरई खुशहालपुर चौराहा के पास हाईटेंशन लाइन का टूटा हुआ पोल लकड़ी के सहारे रोके रखा गया है। गांव चकफेरी में बिजली का पोल झुका हुआ है। जो कभी गिर सकता है।
क्षेत्र में कई स्थानों पर उच्च शक्ति के तार पेड़ों पर लटक रहे हैं। हाईटेंशन लाइन के पेड़ों की टहनियों से लटके होने के कारण हर समय दुर्घटना की आशंका रहती है। उपभोक्ता कई बार विभागीय अधिकारियों से जर्जर तारों को ठीक करने की मांग कर चुके हैं। मंडी धनौरा से बछरायूं को जाने वाली मार्ग पर हाई टेंशन लाइन कई स्थानों पर पेड़ों की टहनियों पर टिकी हुई है।
विद्युत लाइन और खंभों को बदलवाने के लिए विभाग को बड़ा बजट स्वीकृत हुआ था। करीब 130 करोड़ के बजट से शहर से लेकर गांव और ट्यूबवेल व बिजलीघरों पर खर्च होना था। जबकि, 22 करोड़ से अधिक का बजट खंभों व लाइनों को बदलवाने के लिए था। लेकिन, अभी तक कार्य पूरा नहीं हो सका है। जबकि बरसात भी शुरू हो चुकी है।