कोई तो है, जो जनपद के अमन का दुश्मन है। आतंकियों का अंदरखाने मददगार है। विस्फोट से पहले उनको स्थान चिह्नित कराने में सहयोग करता है। जी हां, खुफिया एजेंसियों ने अब अमन चैन के दुश्मन को खोजने के लिए अमरोहा में आतंकी कनेक्शन खंगालने का कार्य छेड़ दिया है।
चूंकि आतंकियों को एटीएस ने रिमांड पर ले लिया है। जिनसे पूछताछ के बाद वह अमरोहा व बिजनौर में दस्तक देकर मददगार की गर्दन दबोच सकती है। इधर आईबी से लेकर स्थानीय अभिसूचना इकाई तक सतर्क हो गई हैं। सभी थानेदारों को जहां संदिग्ध लोग दिखते ही जांच पड़ताल के निर्देश दिए गए हैं, वहीं जिले की सीमाओं पर भी सतर्कता बढ़ा दी है।
मुंबई, जालंधर व बिजनौर में छापामार कर उठाए गए चार संदिग्ध आतंकियों ने एटीएस की मालूमात में गुरुवार को कस्बा नौगावां सादात के शिया इमामबाड़ों व एक गैस एजेंसी में धमाका करने की साजिश का भंडाफोड़ किया था, जिसके बाद से कस्बावासी सन्न रह गए थे।
पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों में खलबली मच गई थी। खुफिया तंत्र भी सतर्क होकर मुखबिरों का जाल बिछाकर सुरागरशी में जुट गया है। सबसे अहम बात ये है कि आतंकियों ने स्थानों का चयन करने के बाद ही घटना को अंजाम देने की बात कुबूली थी। इसलिए खुफिया तंत्र ही नहीं बल्कि आम जन की जुबां पर अब एक ही सवाल उमड़ रहा है कि कोई न कोई तो विभीषण है, जो जिले के अमन चैन को खराब करने में आतंकियों का सहयोग कर रहा है।
इसी बिंदु को लेकर खुफिया तंत्र पड़ताल में लगा है। उस शख्स का नाम व पता जानने के लिए उसने मुखबिरों का जाल फैला दिया है, लेकिन अभी तक उसको पकड़ने में कामयाबी नहीं मिली है। उधर एटीएस ने आतंकियों को रिमांड पर लेने के लिए अर्जी डाली थी, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया है।
एक बार फिर एटीएस उनसे बातचीत कर अन्य साथियों के नेटवर्क को खंगालने में जुटेगी। किसी भी दिन वह अमरोहा व बिजनौर में धमक सकती है, क्योंकि आतंकियों का मददगार उसकी निगाहों में चढ़ चुका है। पुलिस भी आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद से अलर्ट दिख रही है। इंटेलीजेंस ब्यूरो व एलआईयू ने स्थानीय स्तर पर पड़ताल का कार्य छेड़ दिया है।
आतंकी का कोई रिश्तेदार तो नहीं, मांगी रिपोर्ट
जिले में आतंकी का कोई रिश्तेदार तो नहीं है, इसकी रिपोर्ट बिजनौर के अधिकारियों से जनपद की खुफिया टीमों ने मांगी है। इसके मिलते ही पुलिस व खुफिया तंत्र रिश्तेदारों के नेटवर्क को खंगालने की कार्रवाई में जुटेगा। लगातार यहां के अधिकारी पड़ोसी जनपद के अफसरों से संपर्क बनाए हैं। एंटी टेरिज्म स्क्वाड (एटीएस) ने एक संदिग्ध आतंकी पड़ोसी जिला बिजनौर से उठाया है।
मालूमात में उसने जो सनसनीखेज खुलासा किया है, उससे देश भर में हड़कंप मच गया है। पकड़े गए आतंकियों के निशाने पर अमरोहा जिले के कस्बा नौगावां सादात के शिया इमामबाड़े थे, जिनमें विस्फोट करने से पहले ही एटीएस ने उनको धर दबोचा।
पकड़े गए बिजनौर निवासी युवक की अमरोहा जनपद के किसी कस्बे व शहर में रिश्तेदारी तो नहीं है, उसके बारे में खुफिया तंत्र ने जांच पड़ताल का काम शुरू कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक स्थानीय खुफिया कर्मचारियों ने बिजनौर के तंत्र से संपर्क साध लिया है।
पकड़े गए आतंकी के रिश्तेदारों से संबंधित सूचनाएं उपलब्ध कराने को कहा है, ताकि जांच का काम तेज कर उनकी गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके। बहरहाल दो दिन बीत गए हैं, लेकिन अभी तक बिजनौर पुलिस व एलआईयू ने यहां के अधिकारियों को कोई इनपुट नहीं दिया है।
अमरोहा। जनपद में आतंकी घटना की साजिश के कुबूलनामे के बाद पुलिस द्वारा धार्मिक स्थलों से लेकर सार्वजनिक स्थलों तक की सुरक्षा व्यवस्था को सख्त कर दिया गया है। एसपी एसएस चनप्पा ने जिले की सीमा में स्थित होटलों व रेस्त्रां तथा ढाबा मालिकों को भी सचेत किया है कि कोई भी संदिग्ध व्यक्ति नजर आए तो उसके बारे में फौरन जनपद पुलिस को इत्तला की जाए, ताकि पूछताछ कर उसके बारे में असलियत मालूम की जा सके।