केंद्र में आरक्षण और अन्य मांगों को लेकर 20 मार्च को प्रस्तावित संसद घेराव के लिए पश्चिमी यूपी से जाट समाज के लोग ट्रैक्टर-ट्रालियों से एक दिन पहले दिल्ली के लिए कूच करेंगे। रास्ते में पुलिस अभद्रता न करें इसलिए प्रत्येक ट्रैक्टर पर तिरंगा लगाया जाएगा।
जहां पुलिस उन्हें रोकेगी वहीं पर डेरा जमा लेंगे। खाद्य सामग्री और राशन आदि उनके साथ होगा। इस बार आश्वासन नहीं निर्णय पर ही आंदोलन समाप्त होगा। इस रणनीति का खुलासा अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने गुरुवार को आयोजित पत्रकारों से बातचीत में की।
उन्होंने कहा कि इस बार हरियाणा के जाटों के लिए न्याय और आरक्षण लेकर ही दिल्ली से लौटेंगे। मुरादाबाद, मेरठ और अलीगढ़ की ओर से आने वाले सभी लोग गाजियाबाद में मिलेंगे। यहां वसुंधरा और इंद्रापुरम में ट्रांजिट कैंप बनाया गया है, ट्रैक्टर-ट्रालियों के लिए। इसके बाद यूपी गेट से दिल्ली में प्रवेश किया जाएगा।
सहारनपुर की ओर से आने वाले लोग लोनी से दिल्ली में प्रवेश करेंगे। दिल्ली के लोग उन्हें रिसीव करेंगे। दिल्ली में समाज के लोगों की छह टीमें बनाई है, जो विभिन्न स्थानों पर यूपी और बाहर से आने वाले लोगों का सहयोग करेंगे। उन्होंने सभी जिलाध्यक्षों को सचेत किया कि किसी भी कीमत पर आंदोलन को ढीला न पड़ने दें। यदि वार्ता के लिए सरकार की ओर से बुलाया जाता है, तो भी धरना जारी रहेगा। आश्वासन पर किसी भी कीमत पर नहीं मानना है।