राजेसुल्तानपुर में गुरुवार को बाजार बंद के बाद पसरा रहा सन्नाटा।
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अमरोहा शहर में बिक रहा मीट कैसा है, इसकी गारंटी कोई नहीं ले सकता। दरअसल, अवैध तरीके से यहां पशुओं का कटान चल रहा है। घरों को लोगों ने कमेला बना रखा है और धड़ल्ले से नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं।
बगैर जांच पड़ताल कराए ही पशुओं का मांस बेचा जा रहा है, जो हानिकारक हो सकता है। बीते दिन नगर स्वास्थ्य अधिकारी के छापे में इसका खुलासा हुआ। किसी भी दुकान पर स्लाटर हाउस पर पशु कटान और चिकित्सीय परीक्षण के बाद लगने वाला टैग नहीं मिला।
मतलब साफ है कि जो मांस बेचा जा रहा था, वह पशु स्लाटर हाउस पर नहीं बल्कि घर में काटे गए। इधर, एक दिन की छापामारी के बाद नगर स्वास्थ्य अधिकारी खामोश हो गए हैं। अब पुलिस संग ही दुकानों पर छापे मारने की बात कह रहे हैं।
कई साल बाद नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने मांस की दुकानों पर छापामारी की थी। बेपर्दा दुकानों पर पर्दा डालने की वार्निंग उन्होंने दी थी। वहीं दुकानदारों से जब चिकित्सीय परीक्षण की रसीद और स्लाटर हाउस पर कटान के बाद लगने वाले टैग के बारे में जानकारी हासिल की तो कोई भी कारोबारी उनको उपलब्ध नहीं करा सका।
अधिकारियों के मुताबिक- अगर टैग लगा होता तो पशु का कटान स्लाटर हाउस पर हुआ होता। टैग न देने से साफ है कि कारोबारी कटान घरों में कर रहे हैं।बिना चिकित्सीय जांच के ही पशुओं का मांस बेच रहे हैं। इधर, नगर स्वास्थ्य अधिकारी की छापा मार कार्रवाई फिलहाल थम गई है।
गड़बड़ी मिलने के बाद दुकानदारों पर एफआईआर दर्ज करानी चाहिए थी, मगर बस हिदायत देकर चुप्पी साध ली गई। अब नगर स्वास्थ्य अधिकारी का कहना है कि, मांस की दुकानों पर छापे बिना पुलिस के नहीं मारे जा सकते हैं। अब अफसरों को पत्र भेजकर पुलिस की मांग की जाएगी। बीते दिन कई दुकानदार झगड़े पर अमादा हो गए थे।