अमरोहा। डिपो से निकलते ही अमरोहा की 76 बसें ‘लापता’ हो जाती हैं। बस कहां, किस स्पीड से दौड़ रही, इसका भी पता नहीं चल रहा। इसका कारण यह है कि यात्रियों की सहूलियत के लिए रोडवेज बसों में लगाए गए व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम फेल हो गए हैं। जिसके चलते बसों की लोकेशन नहीं मिल रही है। इस कारण चालक अपनी मन मुताबिक स्पीड से गाड़ी चला रहे हैं। होटल-ढाबों पर लंबे समय तक ठहरते हैं। इससे यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस संबंध में विभाग के अधिकारियों ने कई बार शासन को पत्र लिखा, लेकिन कोई हल नहीं निकला है। लिहाजा डिपो की करीब 76 बसें बगैर लोकेशन सड़कों पर दौड़ रही हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार ने यात्रियों की सहूलियत के लिए सरकारी और अनुबंधित रोडवेज बसों में व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम (वीटीएस) सिस्टम लगवाए थे। इस सिस्टम के जरिए बसों की लोकेशन और बस किस स्पीड में चल रही है बस कहां खड़ी है, इसकी सही जानकारी मिल जाती थी। डिपो पर बैठे विभाग के अधिकारी बसों की लोकेशन चेक करते रहते थे। लेकिन अमरोहा डिपो की सभी बसों के सिस्टम फेल हो चुके हैं। जिससे बसों की सही लोकेशन और उनकी स्पीड के बारे में नहीं पता चल पा रहा है। इस समय निगम की 62 और अनुबंधित 14 बसें सड़कों पर दौड़ रही हैं। लेकिन विभागीय अधिकारियों को लोकेशन की कोई जानकारी नहीं रहती है। कभी-कभी पूछने पर चालक सही जानकारी दे तो ठीक, वरना बसों पर चालक-परिचालक की मनमानी चलती है।
रोडवेज बस स्टेशन इंचार्ज भारत सिंह ने बताया कि सपा शासन काल में बसों में सिस्टम लगाए गए थे। इसके लिए शासन स्तर पर एक निजी कंपनी अनुबंधित की गई थी। फिलहाल कंपनी का अनुबंध रद्द चल रहा है। जिस कारण उन्होंने सर्विस देने से इंकार कर दिया है।