अमरोहा। भारत निर्वाचन आयोग के रडार पर जिले के 266 बूथ आ गए हैं। इसमें 47 बूथ ऐसे हैं जिनमें एक भी मतदाता के नाम नहीं जोड़े गए हैं। इसके अलावा 219 बूथ में नाम काटे नहीं गए हैं। हालांकि प्रत्येक साल कई किशोरों की आयु 18 वर्ष हो जाती है जबकि कई लोगों की मृत्यु हो जाती है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने हैरानी जताई है। उन्होंने कहा कि असंभव है एक भी नागरिक का 18 वर्ष की आयु पूरी नहीं करना। इसके अलावा मृतक और शिफ्टेड आदि श्रेणी में शामिल होना। एसडीएम और तहसीलदारों को 25 फरवरी तक जिला निर्वाचन कार्यालय में प्रमाण पत्र उपलब्ध कराना है। लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
जिले में चार विधानसभा क्षेत्र हैं। विधानसभा निर्वाचक नामावली के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान (17 नवंबर से 15 दिसंबर 2020) चलाया गया, जिसमें भारत निर्वाचन आयोग के रडार पर 266 बूथ आ गए हैं। जिले के चार विधान सभा क्षेत्रों में 47 ऐसे बूथ हैं जहां पर एक भी मतदाता के नाम शामिल नहीं किए गए थे। धनौरा में चार और नौगांवा सादात विधानसभा क्षेत्र में 43 बूथ चिह्नित किए गए हैं, जबकि 219 बूथ ऐसे हैं जिसमें एक भी मतदाता के नाम नहीं काटे गए हैं। धनौरा में 116 बूथ, नौगांवा सादात में 87 बूथ और अमरोहा में 16 बूथ शामिल हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि ऐसा असंभव प्रतीत हो रहा है कि एक भी नागरिक 18 वर्ष की आयु का नहीं हुआ है। इसके अलावा कोई मतदाता मृत या शिफ्टेड आदि श्रेणी के तहत नहीं है। मालूम हो कि प्रत्येक बूथ पर प्रत्येक साल नए वोटर बनाने होते हैं और उनके नाम निकाले जाते हैं क्योंकि 18 वर्ष की आयु पूरी कर लेते हैं जबकि प्रत्येक गांव या शहर में कई लोगों का हर साल देहांत हो जाता है।