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कॉलेजों के वोटर हेल्प डेस्क बने शोपीस, वोटर पंजीयन कराने में फिसड्डी

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अमरोहा। मतदाता पंजीयन में जिले के डिग्री कॉलेजों के हेल्प डेस्क फिसड्डी साबित हुए हैं। जिले में कुल 24,402 लोगों के नाम वोटर लिस्ट में दर्ज किए जाएंगे, लेकिन डिग्री कॉलेजों में एक भी वोटर के पंजीयन के लिए ऑनलाइन फॉर्म नहीं भरे गए हैं। मतदाताओं के पंजीयन का आंकड़ा नहीं दे सका है जबकि एनएसएस से सहयोग लेने के निर्देश दिए गए थे। इसके चलते जिम्मेदार पशोपेश में है। हालांकि कॉलेजों में वोटर रजिस्ट्रेेशन कक्ष खोलने का एलान किया गया था। ऐसे में अब 18 से 19 वर्ष के आयु के युवा वोटर की फोटो समेत अन्य रिकार्ड मांगा है।
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विधानसभा वोटर लिस्ट के पुनरीक्षण के लिए 17 नवंबर से अभियान शुरू हुआ। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर डिग्री कॉलेजों में हेल्प डेस्क खोला गया। डिग्री कॉलेजों में कोऑर्डिनेटर की तैनाती भी की गई ताकि छात्र-छात्राओं का वोटर के लिए पंजीयन हो सकेगा। बकायदा कंप्यूटर, यूपीएस और इंटरनेट कनेक्टिविटी का उपयोग करने की ताकीद की गई। छात्र-छात्राओं के वोटर रजिस्ट्रेशन कक्ष खोले गए, लेकिन लगभग एक महीना के अवधि में एक भी डिग्री कॉलेज में छात्रों के वोटर बनने के ऑनलाइन फॉर्म नहीं भरे गए। चारों विधानसभा क्षेत्रों में कुल 24,402 ने वोटर बनने के फॉर्म जमा किए गए हैं। इसके अलावा 10,954 के नाम काटे जाएंगे। कॉलेज संचालकों को छात्र-छात्राओं से प्रमाण पत्र लेना था कि 18 वर्ष से अधिक आयु वाले परिवार के सदस्यों का नाम वोटर लिस्ट में पंजीयन हो चुका है। बावजूद इसके कॉलेज संचालकों ने वोटर लिस्ट के पंजीयन में रुचि नहीं दिखाई।
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