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Amroha News: दो चुनावों के मुकाबले घटा जनाधार, फिर भी चुनाव जीतकर संसद पहुंचे तंवर

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अमरोहा। पिछले दो चुनावों के मुकाबले इस बार भाजपा का जनाधार कम हुआ है। बावजूद इसके भाजपा प्रत्याशी चौधरी कंवर सिंह तंवर अपने प्रतिद्वंदी गठबंधन प्रत्याशी कुंवर दानिश अली को हराकर चुनाव जीतने में कामयाब रहे। भाजपा प्रत्याशी के सिर जीत का ताज कहीं न कहीं हाथी की तेज चाल के चलते बंधा है।
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अगर हाथी की चाल थोड़ी धीमी हो गई होती तो जीत कांग्रेस प्रत्याशी की झोली में जा सकती थी। हालांकि, कमल और पंजे के बीच मतदान के दिन से ही सीधा मुकाबला देखा जा रहा था। लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में 26 अप्रैल को अमरोहा लोकसभा सीट पर वोट डाले गए थे। लोकसभा क्षेत्र की पांच विधानसभा सीटों पर 17,16, 641 मतदाताओं के सामने भाजपा, सपा-कांग्रेस और बसपा समेत 12 उम्मीदवार मैदान में थे। कुल 64.57 प्रतिशत मतदान हुआ था।

मतदान के दौरान अधिकांश जगह मुकाबला भाजपा प्रत्याशी कंवर सिंह तंवर और कांग्रेस-सपा गठबंधन के उम्मीदवार कुंवर दानिश अली के बीच ही देखने को मिला। शहर की घनी आबादी से लेकर पॉश कॉलोनियों तक या फिर ग्रामीण इलाकों के मतदान केंद्र पर भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर देखने को मिली थी। अधिकांश बूथों पर मतदाता कमल खिलाते दिखे और पंजा भी जीत की ओर बढ़ता दिखाई दिया था। हालांकि इन सबके बीच बसपा प्रत्याशी पार्टी के वोट बैंक को समेटने में कामयाब रहे। इस वोट बैंक पर भाजपा या कांग्रेस प्रत्याशी की सेंधमारी कम नजर आई थी। लोगों में पहले चुनावों की तरह उत्साह भी दिखाई नहीं दिया था। स्थिति यह है कि वर्ष 2014 के चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी चौधरी कंवर सिंह तंवर चुनाव जीते थे। इस चुनाव में उन्होंने 528880 वोट लिए थे। जबकि उनकी प्रतिद्वंदी सपा प्रत्याशी हुमैरा अख्तर को 370666 मत मिले थे।
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वहीं, बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी फरहत हसन को 162983 वोट ही मिल पाए थे। लेकिन, वर्ष 2019 के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी चौधरी कंवर सिंह तंवर वर्ष 2014 के चुनाव से अधिक वोट लेकर भी हार गए थे। इस चुनाव में उन्हें 537834 वोट मिले थे। जबकि 2019 के चुनाव में जीत हासिल करने वाले बसपा प्रत्याशी दानिश अली को 601082 वोट मिले थे। जबकि, कांग्रेस के उम्मीदवार सचिन चौधरी को केवल 12510 वोट मिले थे।स्थिति ये है कि भाजपा का पिछले चुनावों के मुकाबले जनाधार घटा है। वर्ष 2019 के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी कंवर सिंह तंवर 5,37,834 वोट लेकर भी हार गए थे। जबकि इस चुनाव में 61328 वोट कम मिलने के बाद भी भाजपा प्रत्याशी चुनाव जीत गए हैं।
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