इसमें भारतीय किसान यूनियन और राजनीतिक दलों के जाट नेताओं ने न्याय मिलने तक आंदोलन की हुंकार भरते हुए महबूब अली के इस्तीफे की मांग उठाई। महापंचायत ने 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री के नौगावां आने पर प्रदर्शन का भी एलान किया है।
महापंचायत की अध्यक्षता करते हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री चौधरी चंद्रपाल सिंह ने आरोप लगाया कि,मामूली सी मारपीट को सत्ता के गुरूर में तूल दिया गया। थाने में रात भर हंगामा कटा।
वक्ताओं ने कहा कि इसमें थानाध्यक्ष धनौरा ही नहीं थानाध्यक्ष गजरौला भी दोषी हैं। आरोप लगाया कि इनकी शह पर ही थाने में बाहरी लोगों ने मंत्री के भतीजे से मारपीट के आरोपियों से मारपीट की।