अमरोहा। रहरा थानाक्षेत्र के गांव में अधिक शराब के सेवन से ग्रामीण की मौत हो गई। बिना किसी कार्रवाई के परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
थाना क्षेत्र के गांव मटीपुरा निवासी 50 वर्षीय नन्हे वाल्मीकि शराब के आदी थे। गांव में देसी एवं कच्ची शराब आसानी से उपलब्ध हो जाती है। इसलिए वह अधिकांश समय शराब के नशे में रहते थे। शुक्रवार को उन्होंने गांव से ही खरीद शराब का सेवन किया था। इसके बाद वह वहां से घर तक पहुंच गए। घर जाकर बेहोश हो गए। परिजन उन्हें निजी चिकित्सक के पास ले गए। जहां चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजनों में कोहराम मच गया। बिना किसी कार्रवाई के ही परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया। मृतक ने अपने पीछे चार बेटियां छोड़ी हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में आसानी से देसी एवं कच्ची शराब उपलब्ध हो जाती है। शिकायत के बावजूद भी आबकारी विभाग की टीम कोई कार्रवाई नहीं करती। वहीं आबकारी प्रभारी निरीक्षक जेके कुलश्रेष्ठ का कहना है कि गांव मटीपुरा में शराब के सेवन से किसी की मौत की जानकारी नहीं है। यदि ऐसा हुआ है तो इसकी जांच पड़ताल कराई जाएगी। इसके बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
खादर क्षेत्र में बनाई जा रही कच्ची शराब
क्षेत्र के खादर इलाके में कच्ची शराब बनाई एवं बेची जाती है। रहरा क्षेत्र के गांव मटीपुरा, बुरावली, छपना, लालापुर, बरतोरा, जल्लोपुर, जयतोली, ढकिया खादर, हसनपुर क्षेत्र के गांव करन खाल, भेंसरोली, शाहपुर कला, डगरोली, हथिखेड़ा, मंगरौली, रुखालू, सिरसा गुर्जर आदि गांवों में गंगा किनारे बड़ी मात्रा में कच्ची शराब बनाई एवं बेची जाती है। स्थानीय पुलिस एवं आबकारी विभाग की कार्रवाई के बावजूद भी यहां कच्ची शराब पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। संवाद