अमरोहा। तेज प्रेशर से ब्लड चढ़ाकर नवजात को मारने के आरोप में शुक्रवार को सीएमओ ग्लोकल अस्पताल पहुंचे। यहां एनआईसीयू वार्ड (नवजात गहन चिकित्सा इकाई) से बच्चों के डॉक्टर नदारद मिले। डॉक्टर के बारे में पूछा गया तो संतोषजनक जवाब नहीं मिला। लिहाजा स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एनआईसीयू वार्ड को सील कर दिया। वहीं एक सप्ताह के भीतर जवाब तलब किया है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अमरोहा नगर निवासी तसव्वुर अजान ने छह फरवरी को सीएमओ सौभाग्य प्रकाश को शिकायती पत्र देकर ग्लोकल हॉस्पिटल पर गंभीर आरोप लगाए थे। बताया था कि चिकित्सकों एवं अनट्रेंड स्टाफ की लापरवाही से उसकी नवजात बेटी की मौत हो गई है। जिसे एक निजी अस्पताल में सामान्य डिलीवरी के बाद भर्ती कराया गया था। आरोप था कि यहां तैनात चिकित्सक व स्टाफ ने इंजेक्शन और ब्लड की व्यवस्था करने की बात कही थी। अस्पताल का डिमांड लेटर लेकर ब्लड लेने मुरादाबाद के निजी अस्पताल पहुंचा तो उन्होंने डिमांड लेटर गलत बना होने की बात कही। उन्होंने बताया कि नवजात को सिर्फ ब्लड सेल्स की जरूरत थी। वह अस्पताल पहुंचा तो प्रबंधन ने इसे मामूली गलती कह कर पल्ला झाड़ लिया। इसके बाद एक वार्ड ब्वाय ने नवजात को तेज प्रेशर से ब्लड चढ़ा दिया था। जिसकी वजह से उसकी बेटी की मौत हो गई जबकि ये काम एक चाइल्ड स्पेशलिस्ट का था। कई दिन तक कार्रवाई नहीं हुई तो तसव्वुर अजान ने बुधवार को डीएम को शिकायती पत्र देकर इच्छा मृत्यु मांगी थी।
इस संबंध में शुक्रवार को सीएमओ अपनी टीम के साथ ग्लोकल हॉस्पिटल पहुंचे। यहां बच्चों के डॉक्टर उपस्थित नहीं थे। इसलिए टीम ने एनआईसीयू वार्ड को सील कर दिया। सीएमओ ने बताया कि हॉस्पिटल प्रबंधन को नोटिस जारी कर एक सप्ताह में जवाब मांगा है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।