संभल में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह में फर्जी तरीके से शादी करने की कोशिश करने पर आसमा और जाबिर के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ। सीडीओ ने मौके पर पकड़कर पुलिस को सौंपा, बाद में दोनों को थाने से जमानत मिल गई। इस कार्रवाई के बाद 145 जोड़े विवाह स्थल से भाग निकले, जिससे 335 में से सिर्फ 190 शादियां ही हो पाईं।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह में फर्जी तरीके से शादी करने की कोशिश करने वाली आसमा और जाबिर के खिलाफ पुलिस ने धोखाधड़ी के आरोप में एफआईआर दर्ज की है। यह कार्रवाई एडीओ समाज कल्याण की तहरीर पर की गई। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर थाने से ही जमानत देकर छोड़ दिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
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रविवार को श्रीमति सुखदेवी इंटर काॅलेज के मैदान में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया था। जिसमें गलत तरीके से शादी करने की कोशिश कर रहे एक जोड़े को मुख्य विकास अधिकारी अश्वनी कुमार ने मौके से पकड़ लिया था। पकड़े गए जोड़े को पुलिस को हवाले कर दिया गया था।
युवक के साथ शादी करने की कोशिश करने वाली महिला पहले से ही शादीशुदा थी। पति से विवाद के कारण वह मायके में रह रही थी। बिना तलाक दिए वह दूसरी शादी करने जा रही थी। ससुर की शिकायत पर सीडीओ ने दोनों पकड़ा था। फर्जी जोड़े के पकड़ में आते ही मौके से एक के बाद एक 145 जोड़े भाग निकले थे।
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यहां 335 जोड़ों की शादी होनी थी, लेकिन इस कार्रवाई के बाद महज 190 जोड़ों की शादी ही हो पाई। सीडीओ के निर्देश पर एडीओ समाज कल्याण हरवीर सिंह ने फर्जी जोड़े के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए थाने में तहरीर दी।
सीओ दीप कुमार पंत ने बताया कि मामले में फर्जी तरीके से शादी करने की कोशिश करने वाली महिला आसमा निवासी गांव सोंहत थाना सैदनगली और युवक जाबिर निवासी रामनगर थाना असमौली जनपद संभल के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज किया गया है।