नौगावां सादात (अमरोहा)। गजस्थल गांव में टेंट व्यवसायी और बागवान रईस अहमद (52) की मझले बेटे ने सिर में गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी आयान और वारदात में शामिल रहे उसके दो दोस्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। गिरफ्त में आने पर आयान ने पिता द्वारा आए दिन मां को पीटने और घर खर्च के पैसे न देने से जन्मे गुस्से को हत्या का कारण बताया है।
पुलिस ने बताया कि रईस अहमद को गोली मारने की घटना एक जून की रात की है। वारदात के समय वह फसल की रखवाली के लिए बाग में चारपाई पर सोए हुए थे। दो जून की सुबह उनकी पत्नी शाहजहां उर्फ साजो चाय लेकर बाग में पहुंचीं तो वह खून से लथपथ मिले। उनके सिर में गोली लगी हुई थी। परिवार के लोग उन्हें अचेत अवस्था में जिला अस्पताल ले गए, जहां से मेरठ रेफर कर दिया गया। मेरठ में उपचार के दौरान दो जून को उनकी मौत हो गई।
मेरठ में ही तीन जून को पोस्टमार्टम के बाद जब शव मिला तो गम में घिरे परिजनों ने उसे सुपुर्द-ए-खाक कर दिया। रईस के घायल मिलने से लेकर दम तोड़ने तक बेटे आयान को गायब देख उस पर शक गहराया। इसके बाद बृहस्पतिवार को मृतक के भाई सलीम अहमद ने नौगावां सादात थाने में तहरीर देकर भतीजे आयान पर हत्या का आरोप लगाया।
एसपी लखन सिंह यादव के निर्देश पर गठित टीम ने बाग से लेकर इलाके तक पड़ताल की। कुछ सुराग मिलने पर पुलिस ने कुछ घंटे बाद ही आयान और उसके साथी दीपांशु तथा दीपक को गिरफ्तार कर लिया। एसपी ने बताया कि गिरफ्त में आने पर आयान ने पिता के हाथों मां का उत्पीड़न बर्दाश्त न होने के गुस्से में हत्या के लिए गोली मारने की बात स्वीकार की है। अदालत में पेश करके तीनों को जेल भेज दिया गया। 12 बोर का तमंचा भी बरामद कर लिया है।
मामले के खुलासे के दौरान एसपी ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ के दौरान पारिवारिक नजरिए से चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। अपने बयान में आयान ने बताया कि उसके पिता शराब के आदी थे। पिछले कई वर्षों से मां शाहजहां उर्फ साजो के साथ मारपीट व गाली-गलौज करते थे। कुछ दिन पहले टेंट के व्यवसाय से कमाए दो लाख रुपये मां को दिए और अगले ही दिन मारपीट कर छीन लिए। इससे घर में तनाव रहने लगा था, जो उससे बर्दाश्त नहीं हो रहा था।
आयान के मुताबिक नशे के कारण पिता परिवार से अलग-थलग रहकर ज्यादा समय ठेके पर लिए बाग में गुजारने लगे थे। परिवार का खर्च उठाने से बचने लगे थे। इसी गुस्से में उसने अपने दोस्त दीपांशु के साथ मिलकर पिता की हत्या की साजिश रची। दीपांशु का दीपक से दोस्ताना है, उसके पास तमंचा था। वही तमंचा लेकर एक जून की रात तीनों बाग में पहुंचे। वहां चारपाई पर सो रहे रईस अहमद के सिर में आयान ने गोली मार दी और फिर तीनों भाग गए।