सीआरपीएफ में नौकरी लगवाने के नाम पर दो युवकों से पिता-पुत्र ने सात लाख रुपये की ठगी कर ली। नौकरी नहीं लगने पर युवकों ने रकम वापस मांगी तो उनको जातिसूचक शब्द कहकर भगा दिया। एसपी के आदेश पर पिता-पुत्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
गांव अम्हेड़ा निवासी लाखन सिंह ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। बताया कि वह सेना में भर्ती के लिए तैयारी कर रहा था। साल 2022 में उसकी मुलाकात गजरौला थानाक्षेत्र के गांव मीरापुर बलदाना निवासी ऋषिपाल सिंह व उसके बेटे रोहित से हुई। लाखन का आरोप है कि ऋषिपाल ने बताया कि उसका बेटा सीआरपीएफ में है। वह कई युवाओं की नौकरी सीआरपीएफ में लगवा चुका है।
उसकी उच्चाधिकारियों से पहचान है। उसने व उसके मित्र रामपाल ने ऋषिपाल व उसके बेटे रोहित नौकरी लगवाने के लिए सात लाख रुपये दे दिए। एक साल तक नौकरी नहीं लगने पर दोनों ने अपने रुपये वापस मांगे, तो पिता-पुत्र बहाने बनाने लगे। एक दिसंबर 2024 को वह व रामपाल रुपये मांगने गए तो पिता-पुत्र ने उनके साथ अभद्रता की और जातिसूचक शब्द कहकर भगा दिया। प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार ने बताया कि एसपी के आदेश पर ऋषिपाल सिंह व रोहित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।