अमरोहा। घर में घुसकर मारपीट करने वाले दो सगे भाइयों को न्यायालय ने दो-दो साल की सजा सुनाई है। साथ ही चार हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। घटना में नामजद दरोगा को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त किया गया है।
यह मामला बछरायूं थाने से जुड़ा है। थानाक्षेत्र के एक गांव में किसान का परिवार रहता है। पुलिस गांव के रहने वाले अनु उर्फ सद्दाम और कफील को तलाश कर रही थी। किसान का दोनों आरोपियों से कोई लेना-देना नहीं था। 20 जुलाई 2021 की रात 12 बजे किसान अपनी गर्भवती पत्नी के साथ गए पर थे तभी ढींगरा चौकी प्रभारी बृजेश कुमार अपने चार अज्ञात पुलिसकर्मियों के साथ गांव के रहने वाले माजिद और कासिम को साथ लेकर घर में घुसा आए। सभी पुलिसकर्मियों के हाथ में सरकारी असलहे थे, जबकि, माजिद और कासिम के हाथ में लोहे के सरिये थे। किसान ने घर में घुसकर आने का कारण पूछा तो सभी ने मिलकर पीटना शुरू कर दिया।
इस दौरान माजिद और कासिम ने किसान की पत्नी के साथ छेड़खानी की और विरोध करने पर उसे भी पीटा। घटना में किसान की गर्भवती पत्नी घायल हो गई। शोर मचाने पर लोगों की भीड़ जमा होगी। आरोपियों ने घर में तोड़फोड़ भी की। पीड़ित मामले की शिकायत पुलिस से की तो कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस मामले में बछरायूं पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर दरोगा बृजेश कुमार, माजिद और उसके भाई कासिम के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। इस मुकदमे की सुनवाई मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ओमपाल सिंह की अदालत में चल रही थी। जबकि आरोपी माजिद और कासिम को दोषी करार दिया। साथ ही दोनों अारोपियों पर चार हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। वहीं साक्ष्यों के अभाव में दरोगा बृजेश कुमार को दोषमुक्त कर दिया।