अमरोहा। लूट का विरोध करने पर किसान की हत्या करने वाले दो लुटेरों को न्यायालय ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही बीस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। एक लुटेरे दूसरे अपराध में जेल में बंद था, जबकि दूसरा जमानत पर था। न्यायालय का फैसला आने के बाद उसे भी जेल भेज दिया गया।
यह घटना करीब दस साल पहले नौगांवा सादात थानाक्षेत्र में हुई थी। बछरायूं थानाक्षेत्र के कुआंखेड़ा गांव में रहने वाले असलम 2 जून 2015 को अपने बेटे फईम के साथ पशु बेचकर मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे।
इस दौरान फईम मोटरसाइकिल चला रहा था, जबकि असलम पीछे बैठे हुए थे। जैसे ही उनकी बाइक अमरोहा धनौरा रोड स्थित कुरी गांव को जाने वाली सड़क पर पहुंची, तभी एक बाइक पर सवार दो बदमाशों ने पीछा शुरू कर दिया।
उन्होंने मोटरसाइकिल रुकवाना का प्रयास किया तो फईम ने बाइक दौड़ा दी। तभी बाइक चलाने वाले बदमाश ने तमंचा निकालकर गोली मारने की कोशिश की तो फईम ने तमंचा पकड़ लिया। छीनाझपटी के दौरान फईम की बाइक गिर गई। तभी दूसरे बदमाश ने फईम के सीने में गोली मार दी। जिससे उसकी मौके पर मौत हो गई। तभी बदमाश अपनी मोटरसाइकिल छोड़कर मौके से भाग निकले। इस मामले में असलम ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। बाद में पुलिस ने नौगांवा सादात थानाक्षेत्र के बोरा बोरी गांव के रहने वाले फुरकान और गजरौला थानाक्षेत्र के कसेरवा गांव के रहने वाले जीशान को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
लुटेरा जीशान किसी दूसरे अपराध में जेल में बंद था। जबकि फुरकान जमानत पर था। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम की अदालत में चल रही थी। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता रविंद्र गर्ग पैरवी कर रहे थे। शनिवार को न्यायालय ने मुकदमे में आखिरी सुनवाई की और साक्ष्यों व सबूतों के आधार पर लुटेरे फुरकान और जीशान को दोषी करार दिया। साथ ही दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई और दस-दह हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।