अमरोहा। चकबंदी कार्यालय में तैनात चपरासी ने महिला से चकबंदी संबंधी वाद को उसके पक्ष में कराने के नाम पर दो लाख रुपये हड़प लिए। वाद खारिज होने पर पीड़िता ने पैसे मांगे तो आरोपी मुकर गया। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने आरोपी चपरासी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
यह मामला थाना रहरा क्षेत्र के गांव गंगानगर से जुड़ा है। 2022 में इस गांव में चकबंदी हुई थी। गांव निवासी दिवंगत कलुआ की पत्नी नन्ही की जमीन चकबंदी के दौरान गलत दर्ज कर दी गई थी। इसे लेकर नन्ही ने बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी के कोर्ट में वाद दायर किया था। नन्ही का आरोप है कि मुकदमे की पैरवी के दौरान 2023 में उनकी मुलाकात कार्यालय में तैनात चपरासी सोमपाल सिंह से हुई थी। सोमपाल सिंह ने नन्ही को झांसा दिया था कि वह अधिकारियों से कह कर वाद का फैसला उसके पक्ष में करा देगा।
आरोप है कि सोमपाल ने इसके लिए दो लाख रुपये की मांग की। नन्ही ने ब्याज पर लेकर दो लाख रुपये लेकर सोमपाल सिंह को दे दिए। बाद में उसका मुकदमा निरस्त हो गया। इस पर नन्ही ने अपने पैसे वापस मांगे। लेकिन सोमपाल सिंह ने पैसे लौटाने से इन्कार कर दिया। पीड़िता ने इस संबंध में थाने व एसपी से शिकायत की लेकिन कार्रवाई नहीं हुई तो उसने कोर्ट की शरण ली। प्रभारी निरीक्षक सनोज प्रताप सिंह ने बताया कि इस मामले में सोमपाल सिंह के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।