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Amroha News: किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म में दो दोस्तों को उम्रकैद, एक लाख का जुर्माना

Tue, 29 Jul 2025 02:07 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
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अमरोहा। चार साल पहले अनुसूचित जाति की किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म करने वाले दो दोस्तों को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इसमें से आधी धनराशि पीड़िता को देनी होगी। दोनों दोषी जमानत पर बाहर थे, कोर्ट का फैसला आने के बाद दोनों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया है।
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यह घटना गजरौला थानाक्षेत्र के एक गांव में हुई थी। गांव निवासी किसान 14 मई 2020 को सब्जी बेचने रामपुर गए थे। उनकी पत्नी चारा लेने खेत पर गई थीं। किसान के मुताबिक दोपहर करीब 1:30 बजे उनकी 16 वर्षीय बेटी गांव के ही सुंदर उर्फ राजीव की चक्की पर आटा लेने गई थी। सुंदर ने किशोरी को आटा लेने के लिए भीतर भेज दिया। इस दौरान सुंदर ने गांव के ही दोस्त विनोद के साथ मिलकर किशोरी के साथ दुष्कर्म किया।
विरोध करने पर मारपीट की और जाति सूचक शब्द कहकर अपमानित किया। किसी तरह किशोरी आरोपियों के चंगुल से छूटकर घर पहुंची और परिजनों को आपबीती बताई। किसान की तहरीर पर सुंदर और विनोद के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म, मारपीट, एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया था। फिलहाल दोनों दोषी जमानत पर जेल से बाहर थे।
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मुकदमे की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश विशेष पॉक्सो प्रथम की अदालत में चल रही थी। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक रतनलाल लोधी पैरवी कर रहे थे। सोमवार को न्यायालय ने मुकदमे में आखिरी सुनवाई की और साक्ष्यों व सबूतों के आधार पर आरोपी सुंदर उर्फ राजीव और विनोद को दोषी करार दिया। साथ ही दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई और 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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चार साल में 80 तारीख, पीड़िता समेत आठ की हुई गवाही

अमरोहा। किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना 14 मई 2020 की दोपहर हुई थी। पीड़िता के पिता ने उसी दिन दोनों दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। मामले की विवेचना तत्कालीन सीओ ने की। मजबूत साक्ष्यों के साथ 30 जुलाई 2020 को विवेचक ने 230 पेज की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। कोर्ट में पहली सुनवाई 10 जनवरी 2022 को हुई थी। इस बीच दुष्कर्म पीड़िता, उसके पिता-भाई, स्कूल अध्यापक, विवेचक और डाॅक्टर समेत आठ लोगों ने कोर्ट के सामने गवाही दी। चार साल में 80 तारीख पड़ीं। दोषी पक्ष में भी अपने बचाव के लिए तर्क रखे। आखिरी सुनवाई सोमवार को हुई। मजबूत साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने दोषी पाए गए सुंदर उर्फ राजीव और विनोद को उम्रकैद की सजा सुनाई है।

...भावुक बेटी बोली, मिल गया इंसाफ

सामूहिक दुष्कर्म के दोषियों को सजा दिलाने के लिए पीड़िता अपने पिता के साथ हर तारीख पर कोर्ट आई थी। उसने अपने हौसले को कम होने नहीं दिया। सुनवाई के दौरान कोर्ट के सामने आपबीती बताई। सोमवार को दोषियों को उम्रकैद की सजा मिलने के बाद पीड़िता की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए। भावुकता के साथ बोली, इंसाफ मिल गया।


मेडिकल रिपोर्ट दोषियों को सजा दिलाने में बनी अहम साक्ष्य
किशोरी के साथ दुष्कर्म के दोषी सुंदर उर्फ राजीव और विनोद प्रजापति को उम्रकैद की सजा दिलाने में मेडिकल रिपोर्ट अहम भूमिका निभाई। जिसके चलते दोषियों को सजा मिली।

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किशोरी के चिल्लाने पर ग्रामीणों के आने पर भाग गए थे दोनों

घटना के समय पीड़िता ने शोर मचाया तो गांव के लोग आ गए थे जिन्हें देखकर आरोपी मौके से भाग निकले थे। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था।


कोर्ट की टिप्पणी
दोषियों का अपराध अत्यंत गंभीर प्रवृत्ति का है। यह जानते हुए भी पीड़िता अनुसूचित जाति की है उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। जो न केवल समाज के प्रति घोर अपराध है बल्कि किशोरी को आजीवन न भूलने वाला दंश दिया है।
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