अमरोहा। हाशमी ग्रुप के चेयरमैन डॉ. सिराजुद्दीन हाशमी और उनके परिवार को लॉरेंस विश्नोई के नाम से जान से मारने की धमकी देने और दो करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने में नया मोड़ आया है। पुलिस सूत्रों की माने तो धमकी पुर्तगाल के नंबर से ही दी गई थी। धमकी देने वाले की लोकेशन भी इसी देश की है।
इससे पहले पुलिस इंटरनेट के जरिये फर्जी कॉल होने का शक जाता रही थी। साथ ही उनके करीबियों पर ही धमकी देने का शक था लेकिन पुलिस का यह शक अब दूर हो गया है। धमकी देने वाले ने खुद को लॉरेंस विश्नोई गैंग के रोहित गोदारा का छोटा भाई राहुल बताया था। अब लगने लगा है कि कहीं वसूली के लिए लॉरेंस विश्नोई गैंग ने हाशमी ग्रुप को टारगेट तो नहीं किया है लेकिन तीन बार लगातार धमकी देने के बाद चौथी बार कॉल क्यों नहीं की गई।
विदेशी नंबर से व्हाट्सएप पर धमकी भरी कॉल के मामले में साइबर टीम को कोई ठोस क्लू नहीं मिल पा रहा है। चर्चा है कि तीन दिन बाद भी मेटा ने पुलिस को कोई जानकारी नहीं दी है। उधर, धमकी के बाद हाशमी ग्रुप के चेयरमैन डॉ. सिराजुद्दीन हाशमी, उनके बेटे डॉ. बुरहानुद्दीन हाशमी और परिवार के अन्य सदस्यों में दहशत में हैं। एसपी अमित कुमार आनंद ने बताया कि धमकी से जुड़ी जानकारी जुटाए जा रही है। टीमें काम कर रही हैं। जल्द ही खुलासा किया जाएगा।
यह था पूरा मामला
मोहल्ला काजीजादा निवासी हाशमी ग्रुप के चेयरमैन डॉ. सिराजुद्दीन हाशमी को 30 जुलाई की सुबह डॉ. सिराजुद्दीन हाशमी और उनके भाइयों के फोन पर पुर्तगाल देश के नंबर 351920058923 से कॉल आई थी लेकिन उनका फोन नहीं उठा था। इसके बाद उसी नंबर से डॉ. सिराजुद्दीन हाशमी के बेटे डॉ. बुरहानुद्दीन हाशमी के नंबर पर कॉल की गई। इसके थोड़ी देर बाद उसी नंबर से व्हाट्सएप पर धमकी भरे संदेश भेजे गए जिसमें दो करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई है। रुपये अदा नहीं करने पर जान से मारने की धमकी दी गई थी।
बेटी की तहरीर पर पुलिस ने दर्ज किया था मुकदमा
धमकी देने वाले व्यक्ति ने खुद को लॉरेंस विश्नोई ग्रुप से रोहित गोदारा का छोटा भाई राहुल बताया है। इस मामले में नगर कोतवाली पुलिस ने डॉ. सिराजुद्दीन हाशमी ने अपने बेटे डॉ. बुरहानुद्दीन हाशमी की तहरीर पर मोबाइल नंबर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ धमकी और जबरन वसूली करने के आरोप में एफआईआर दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। धमकी देने वाले व्यक्ति ने धनराशि हवाला के जरिए मांगी थी। इस मामले में पुलिस की ओर से डॉ. सिराजुद्दीन हाशमी और उनके परिवार को सुरक्षा दी गई है। चार सशस्त्र पुलिसकर्मी चौबीस घंटे तैनात रहते हैं।