मारपीट की यह घटना गजरौला क्षेत्र में हुई थी। त्यागी फार्म हाउस गजरौला में नौकरी करने वाले सुरिंद्र कौर ने एक अगस्त 2001 को गजरौला थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। उनका आरोप था कि घटना वाले दिन वह बहन के साथ बाग में माली से आम लेने गए थे। इस दौरान बाग माली नादर उर्फ जाकिर व रियासत खां ने गाली-गलौज की। विरोध करने पर लाठी-डंडों से पीटा था। मारपीट में सुरिंद्र कौर के हाथ की हड्डी टूट गई थी। मामले में पुलिस ने सिहाली जागीर के रहने वाले नादर उर्फ जाकिर और बावनखेड़ी गांव के रहने वाले रियासत खां के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
मुकदमे की सुनवाई द्वितीय अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अवधेश कुमार तृतीय की अदालत में चल रही थी। अभियोजन पक्ष की ओर से एपीओ संजीव कुमार पैरवी कर रहे थे। सोमवार को न्यायालय ने मुकदमे में आखिरी सुनवाई की। साक्ष्यों और सबूतों के आधार पर नादर उर्फ जाकिर और रियासत खां को दोषी करार दिया। साथ ही दोनों को दो-दो साल की सजा सुनाई और 14 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।