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बैकफुट पर आए तुर्क, परमिशन मिलने पर ही होगा महासम्मेलन

Thu, 08 Dec 2016 11:48 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
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रास्ते के विवाद में गई महिला की जान - फोटो : demo pic
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पुलिस की ओर से तुर्क युवा महासम्मेलन के होर्डिंग्स उतारने और आयोजन को लेकर तमाम शर्तें थोपने के बाद भी महासम्मेलन के लिए अड़े बिरादरी के युवा शाम होते होते बैकफुट पर आ गए। पहले जहां युवाओं ने हर हाल में महासम्मेलन के आयोजन का एलान किया था, शाम होते-होते परमिशन के बाद ही आयोजन करने की बात कहने लगे। इसके अलावा वो महासम्मेलन का आयोजन स्थल भी बदलने के लिए राजी हो गए हैं। आयोजन में शामिल लोगों ने गुरुवार को कई गांवों का दौरा कर बिरादरी के लोगों से सहयोग मांगा और महासम्मेलन को सफल बनाने की अपील की।
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एक तरफ पुलिस 10 दिसंबर को फतेहपुर माफी में प्रस्तावित तुर्क युवा महासम्मेलन को किसी भी कीमत पर आयोजित न होने देने कि दिशा में कार्य कर रही है। वहीं, तुर्क समाज के युवा भी किसी भी कीमत पर सम्मेलन को आयोजित करने पर अड़ गए थे। महासम्मेलन पर पुलिस प्रशासन और तुर्क समाज के युवा आमने सामने की स्थिति में थे। 

शौकत पाशा हत्याकांड के बाद दफन के दिन फतेहपुर माफी में जुटे लोगों ने कैबिनेट मंत्री महबूब अली और उनके रिश्तेदारों पर हत्या कराने का आरोप लगाते हुए हाईवे पर जमकर बवाल किया था। तोड़फोड़ और आगजनी भी हुई थी। इसी तरह शौकत पाशा के तीजे के दौरान जुटे लोगों ने पंचायत की थी और कैबिनेट मंत्री के खिलाफ आवाज बुलंद की थी। इस सूरत में पुलिस प्रशासन फतेहपुरमाफी में फिर से भीड़ एकत्र नहीं होने देना चाहता है। 
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इसके पीछे उसकी सोच है कि फिर से कोई बवाल हो सकता है। भीड़ कानून व्यवस्था को अपने हाथ में ले सकती है। इसीलिए महासम्मेलन न होने पाए पुलिस इसकी पुरजोर कोशिश कर रही है। इसीलिए बुधवार को जिले में जगह जगह महासम्मेलन की सफलता के लिए लगाए गए होर्डिंग्स को पुलिस ने उतरवा लिया था।

पुलिस की इस कार्रवाई ने युवाओं के आक्रोश को और भड़का दिया था। वो हर हालात में महासम्मेलन करने के लिए अड़ गए थे। लेकिन शाम होते होते स्थिति बदल गई। बिरादरी के बड़े नेताओं से बात के बाद अब आयोजकों ने परमिशन मिलने के बाद ही आयोजन की बात कही है। इसके अलावा वो आयोजन स्थल भी बदलने को राजी हैं। आयोजक तैयब अली ने बताया कि पूर्व सांसद शफीकुर्रहमान बर्क की सलाह पर उन्होंने ये कदम उठाया है।  

 गुरुवार को इसकी सफलता के लिए तुर्क समाज के युवाओं ने हटव्वा पट्टी, सैंतली, कालाखेड़ा, पलौला, सलारपुर, असगरीपुर, जाहिदपुर, टिकिया, किनौरा और नीलीखेड़ी आदि का दौरा किया। समाज के लोगों से महासम्मेलन में पहुंचकर इसे सफल बनाने और तुर्क समाज के आंदोलन को धार देने की अपील की।
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