रोक के बाद भी सड़कों पर गन्ने से लदे ट्रैक्टर ट्रॉले फर्राटा भर रहे हैं। इनके चलते कई बार हादसे भी हो जाते है। अब ओवरलोड चलने वाले इन ट्रैक्टर-ट्रॉलों को सड़कों से हटाने के निर्देश शुगर मिलों को दिए गए हैं। डीसीओ ने बताया कि आरटीओ के साथ समन्वय बनाकर इनके खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।
गन्ने से लदे ओवरलोड ट्रक और ट्रैक्टर-ट्रॉले अक्सर हादसों का सबब बनते रहे हैं। खेत से चीनी मिलों के गन्ना क्रय केंद्र तक गन्ने की ढुलाई के लिए अधिकतर किसान ट्रैक्टर-ट्राॅली या भैंसा बुग्गी से गन्ना डालते हैं। वहीं, क्रय केंद्र से शुगर मिल तक गन्ना ढोने के लिए बड़े-बड़े ट्राले या ट्रक का इस्तेमाल किया जाता है। गन्ने की ढुलाई में इस्तेमाल होने वाले ट्राॅले परिवहन विभाग की बिना अनुमति के मौत बनकर सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इन ट्रॉलों में क्षमता से अधिक गन्ना भरा जाता है।
गन्ना लादते समय यातायात के नियमों की धज्जियां उड़ाई जाती हैं। कई बार अधिक वजन के चलते वाहन पलट भी जाते हैं। रोक के बाद भी शुगर मिलें इन ट्रॉलों से गन्ने की ढुलाई करा रही हैं। जिसको लेकर गन्ना विभाग व परिवहन विभाग अब सजग हो गया। इन ट्रॉलों को हटाने के लिए शुगर मिलों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। सड़कों से इन ट्रॉलों में गन्ना ढुलाई बंद न करने पर कार्रवाई की जाएगी।
117 ट्रैक्टर ट्रॉलों से हो रही ढुलाई
अमरोहा। गन्ना विभाग के अनुसार अलग-अलग चीनी मिलें करीब 117 ट्रॉलों से गन्ना क्रय केंद्र से ढुलाई करा रही हैं। जिसमें करीमगंज स्थित शुगर मिल के 26, बेलवाड़ा स्थित शुगर मिल के 18, चंदनपुर स्थित शुगर मिल के 48 व हसनपुर-गजरौला शुगर मिल के 25 ट्रॉले रोक के बाद भी ढुलाई कर रहे हैं। डीसीओ मनोज कुमार के मुताबिक इन सभी मिलों को ट्रॉलों से ढुलाई न करने के लिए नोटिस जारी किया जा रहा है। न हटाने पर परिवहन विभाग के साथ मिलकर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को भी डीएम के निर्देश पर गन्ने से लदे एक ओवरलोड ट्रक का 15 हजार रुपए का चालान काटा गया है।