सीट के लिए मारामारी मची है, तिल रखने भर की जगह नहीं है। बस और ट्रेनों में चढ़ने के लिए यात्रियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन रही है। सबसे ज्यादा दिक्कत महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को हो रही है।
यह हाल तब है जबकि रोडवेज बसों के फेरे बढ़ा दिए गए हैं और स्पेशल ट्रेन चलाई जा रहीं हैं, मगर भीड़ की वजह से बसों में जगह न बना पाए यात्रियों को वाहनों का इंतजार करना पड़ रहा है। भीड़ के चलते डग्गामार वाहन संचालकों की भी चांदी है।
वे वाहनों में यात्रियों को लटकाकर वाहन का संचालन कर रहे हैं।
मंगलवार को रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर सुबह से शाम तक यात्रियों की भीड़ लगी रही। बसों में अंदर प्रवेश करने के लिए यात्रियों के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। कई बार सीट के लिए तृ-तू मैं-मैं की भी स्थितियां बनीं। उधर, परिवहन निगम ने मुसाफिरों की भीड़ को देखते हुए डिपो की सभी बसों को ऑन रोड कर दिया है। डिपो की अधिकांश बसों को दिल्ली के लिए संचालित किया जा रहा है।
लोकल मार्गों पर बसों के चक्कर बढ़ाए गए हैं। बसों का संचालन बनाए रखने के लिए चालक-परिचालकों के अवकाश पर रोक लगा दी गई है। स्टेशन प्रभारी पदम सिंह ने बताया कि होली के मद्देनजर मुसाफिरों को बसों की बेहतर सेवा मुहैया कराने का प्रयास किया गया है। 27 मार्च तक अतिरिक्त बसों का संचालन जारी रहेगा। होली के चलते राजस्व में वृद्धि हुई है।