दूसरे चरण का चुनावी शोर सोमवार को शाम पांच बजे से थम गया। अब कोई भी प्रत्याशी चुनावी क्षेत्र में रैली, जुलूस नहीं निकाल सकेगा। यदि ऐसा किया तो आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा। प्रत्याशियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए प्रशासन ने सभी टीमों को अलर्ट कर दिया है। अब प्रशासन का पूरा ध्यान मतदान के दिन पर है।
आचार संहिता लागू होते ही चुनावी शोर शुरू हो गया था। प्रत्याशी मैदान में उतर आए थे। पिछले एक माह से अधिक प्रत्याशी और उनके समर्थक क्षेत्र का तूफानी दौरा कर जनसंपर्क करने में जुटे हुए थे। पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन में दिग्गज नेताओं की बड़ी रैलियां, जनसभाएं हुई। जुलूस निकाला गया। रोड शो कर वोट मांगे। जिसके चलते क्षेत्र में चुनावी शोर रहा।
सोमवार की शाम पांच बजते ही दूसरे चरण का चुनावी शोर थम गया है। अब कोई भी प्रत्याशी या उनका समर्थक चुनावी क्षेत्र में जनसभा, रैली, जुलूस, रोड शो नहीं निकाल सकेगा। इस पर बंदिश रहेगा। रैली, व जनसभा की तो आचार संहिता का उल्लंघन मनाया जाएगा। सीधे प्रत्याशी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उधर, प्रशासन ने आचार संहिता का पालन कराने को सभी टीमों को अलर्ट कर दिया है। टीमें क्षेत्र में दौड़ रही हैं। सभी पार्टी प्रत्याशियों पर कड़ी नजर रखी गई।