15 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा पर मुख्य स्नान होगा। इसके बाद श्रद्धालुओं का सैलाब लौटने लगेगा। जिनके लाैटने के लिए तीन मार्ग हैं। इनमें सबसे प्रमुख कांकाठेर और ओसीता जगदेवपुर है। जिससे हाईवे पर चढ़कर लोग गंतव्य को रवाना होते हैं। श्रद्धालुओं के वाहनों की वापसी के चलते 15 नवंबर को कोई भी वाहन हाईवे से ओसीता जगदेवपुर और कांकाठेर से होकर तिगरी की ओर नहीं आने दिया जाएगा।
गंगा मेले में इस बार श्रद्धालुओं के आने के रिकॉर्ड टूट रहे हैं। पांच नवंबर से शुरू हुआ श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला लगातार जारी है। ट्रैक्टर-ट्रॉली, कार, टाटा मैजिक, बाइक, बसों आदि वाहनों से श्रद्धालु मेले में जा रहे हैं। पैदल जाने वालों की भी लाइन लगी है। 15 नवंबर को मुख्य स्नान किया जाएगा। तड़के से ही श्रद्धालु हर-हर गंगे के उदघोष संग पतित पावनी में डुबकी लगाना शुरू कर देंगे। इसके बाद श्रद्धालुओं का काफिला लौटने लगेगा। तिगरी-गजरौला मार्ग को जाम मुक्त रखने के लिए श्रद्धालुओं का कोई भी वाहन इस मार्ग पर नहीं आने दिया जाएगा। टीएसआई धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि हाईवे से कोई भी वाहन ओसीता जगदेवपुर, कांकाठेर होकर तिगरी की तरफ नहीं आने दिया जाएगा।
यहां-यहां से गुजरेंगे श्रद्धालु
-तिगरी से कांकाठेर और कांकाठेर में राणा प्रताप की मूर्ति से ओसीता जगदेवपुर मार्ग से होकर हाईवे से गंतव्य को रवाना होंगे।
- मेला क्षेत्र में सभी डेरे और दुकान जो सेक्टर-1 से 7 तक लगी हैं, उनको भी ढलान-1, 2, 3 से कांकाठेर से निकाला जाएगा, जो हाईवे पर चढ़ कर गंतव्य को रवाना होंगी।
- सेक्टर-7 से 24 तक बसे श्रद्धालुओं और दुकानदारों को ढलान-4 व मनरेगा मार्ग से होकर कांकाठेर-ओसीता कट से हाईवे की तरफ निकाला जाएगा।