तिगरी गंगा मेले में स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रदर्शनी लगाई जाएगी। जिसमें लोगों को जागरूक करने के लिए दिखाया जाएगा कि जिले में 10 साल में क्या बदलाव हुए है। साथ ही क्या काम और करने की जरूरत है।
तिगरी मेले में स्वच्छ भारत मिशन के तहत लगने वाली प्रदर्शनी में जिले में स्वच्छता के लिए 10 साल में हुए बदलाव को दिखाया जाएगा, जिनसे लोगाें की जिंदगी में बदलाव आया है। उनके स्वास्थ्य में सुधार हुआ है। प्रदूषण से राहत मिली है। वन्य और जलीय जीवों की संख्या में इजाफा हुआ है। प्रदर्शनी में यह भी दिखाया जाएगा कि हमको प्रकृति संरक्षण के लिए क्या करने की जरूरत है। जिससे अच्छा वातावरण बना रहे। नोडल अधिकारी डॉ. ब्रजेश सिंह ने बताया कि यह प्रदर्शनी पहली बार लगाई जा रही है। जिसमें लोगों को यह जागरूक किया जाएगा कि अपने आसपास साफ सुथरा रख जीवन में क्या बदलाव आता है।
मेले को पॉलिथीन और प्लास्टिक मुक्त रखने की कवायद
गजरौला।
तिगरी मेले को इस बार पॉलिथीन और प्लास्टिक मुक्त रखने की तैयारी है। जिसको लेकर प्रशासन ने कवायद शुरू कर दी है। उधर, मेले में पहुंचने वाले लोगों को प्रकृति पास आने का मौका मिलेगा। श्रद्धालु कुल्हड़ में चाय की चुस्की लेंगे, तो वहीं दोने और पत्तल में उनको खाद्य उत्पाद मुहैया कराए जाएंगे।
तिगरी गंगा मेला आस्था के साथ ही व्यापार का भी केंद्र है। मेले में 20 से 25 लाख श्रद्धालु प्रतिदिन गंगा में डुबकी लगाकर पुण्य कमाते हैं। मेले में मनोरंजन के साथ खाने-पीने के उत्पाद भी श्रद्धालुओं का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करते हैं। जिनको प्लास्टिक या पॉलिथीन में बेचा जाता है। खाने-पीने बाद लोग उसके वेस्ट को फेंक देते हैं, जिससे गंदगी होती है। वहीं, बाद में पंचायत राज विभाग के कर्मचारी उसे अलग-अलग स्थान पर इकट्ठा कर आग लगाते हैं, लेकिन इससे भी प्रदषूण होता है। वहीं, इस पर मेले को पाॅलिथीन और प्लास्टिक मुक्त रखने की कवायद है। इनके विकल्प के रूप में मेले के व्यवसायिक गतिविधियों वाले क्षेत्र में 150 स्थानों पर मिट्टी के कुल्हड़, प्लेट आदि की बिक्री की जाएगी। साथ में दोने और पत्तल भी मिलेंगे। कपड़े के थैले भी बिकेंगे। जिनमें लोग अपनी जरूरत का सामान खरीदेंगे।
नोडल अधिकारी उप नगर आयुक्त डॉ. ब्रजेश सिंह ने बताया कि मेले में पॉलिथीन और प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं होने दिया जाएगा। दुकानदार श्रद्धालुओं को कुल्हड़ में चाय पीने, दोने और पत्तल में खाने के पदार्थ मुहैया कराए जाएंगे। नो प्लास्टिक जोन में जो दुकानदार प्लास्टिक या पाॅलिथीन बेचता पाया गया, उस पर एक से 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।