गजरौला (अमरोहा)। करीब 50 साल पुराने व क्षतिग्रस्त हो चुके रामगंगा पोषक नहर पर बने तीनों पुलों के बराबर में नए पुल बनाए जाएंगे। इनकी चौड़ाई भी साढ़े सात मीटर की रहेगी। इन पर करीब 18 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। चार मीटर की चौड़ाई के पुराने पुल संकरे होने के कारण जाम भी लगता है।
जिले में पोषक नहर पर बने तीन पुल करीब 50 साल पुराने होने के साथ ही अब बदहाल हो चुके है। इनकी चौड़ाई भी कम है। इनमें दो पुल धनौरा तहसील क्षेत्र में आते हैं। एक धनौरा-फीना मार्ग पर बना है जिसकी चौड़ाई चार मीटर है। यह बिजनौर व अमरोहा को जोड़ता है। पुलिस संकरा होने के कारण कई बार जाम लग जाता है। इसके अलावा शेरपुर में बना पुल भी संकरा और पुराना है। नौगांवा सादात तहसील में जाजरू के सामने बना पुल आवागमन के लिए लायक नहीं रह गया।
लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड के अफसरों ने भी तीनों का निरीक्षण कर उनको क्षतिग्रस्त करार दिया है। तीनों के स्थान पर साढ़े सात मीटर चौड़े नए पुल बनाए जाने का प्रस्ताव बनाकर भेजा। एक पुल पर छह करोड़ रुपये खर्च होंगे। लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड जोया के अधिशासी अभियंता रणवीर सिंह ने बताया कि प्रस्ताव शासन ने ही मांगा था। इसलिए जल्द ही धनराशि अवमुक्त होने की संभावना है। जिसके बाद काम शुरू करा दिया जाएगा।
जाजरू पुल से जुड़े हैं दस गांव
नौगावां सादात तहसील क्षेत्र के जाजरू गांव के सामने षोषक नहर पर बना पुल भी 50 साल पुराना होने के कारण क्षतिग्रस्त हो गया है। इससे जाजरू, बोरी-बोरा, खेड़की, खेड़का, नौगांवा तगा, चमरौआ समेत दस गांव के ग्रामीणों का आवागमन होता है। पुल क्षति ग्रस्त होने के कारण इस पर आवागमन प्रतिबंधित कर दिया गया है। जिसके चलते लोग कई किमी का चक्कर काटकर अलीपुरा कुई वाले पुल से गुजरते हैं। पुल बन जाने से हादसे की आशंका नहीं रहेगी।
बदायूं में हुए हादसे के बाद चेता था लोनिवि
बदायूं जिले में इसी साल पुल से कार गिर जाने के कारण बड़ा हादसा हुआ था। इसके बाद शासन ने लोक निर्माण विभाग के अफसरों को पुराने हो चुके पुलों का स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए थे। कहा था कि पुराने और क्षतिग्रस्त पुलों की जल्द से जल्द रिपोर्ट बनाकर भेजें। साथ ही उनके स्थान पर नए और अधिक चौड़े पुल बनाए जाने के लिए प्रस्ताव तैयार करने को कहा। जिसके बाद लोक निर्माण विभाग ने तीन पुलों का निरीक्षण किया। तीनों ही क्षतिग्रस्त पाए गए। जिनके स्थान पर अधिक चौड़ाई के नए पुल बनाए जाने का प्रस्ताव तैयार किया गया।