अमरोहा। हलाला को लेकर फेसबुक पर पोस्ट करने वाले अधिवक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता आलम मलिक को ईमेल के जरिये जान से मारने की धमकी देने के मामले में पुलिस की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। प्राथमिक जांच में धमकी देने वाली ईमेल आईडी के पाकिस्तान में सक्रिय होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि पुलिस अभी यह पता लगाने में जुटी है कि ईमेल आईडी किस मोबाइल नंबर से बनाई गई और पाकिस्तान के किस शहर से इसका संचालन किया जा रहा था।
देहात थाना क्षेत्र के गांव बागड़पुर कलां निवासी अधिवक्ता आलम मलिक के मुताबिक, उन्होंने कुछ दिन पहले फेसबुक पर मुस्लिम समाज में तलाक के बाद होने वाली हलाला की प्रक्रिया में बदलाव की मांग को लेकर पोस्ट की थी। इसके बाद उनके कमेंट बॉक्स में भी धमकी भरे संदेश आए थे। उन्होंने इन्हें नजरअंदाज कर दिया। आरोप है कि 15 अगस्त की रात करीब 9:58 बजे उनके ईमेल पर मुजाहिदीन 847 नाम की जीमेल आईडी से धमकी भरा संदेश भेजा गया। संदेश भेजने वाले ने खुद को अलकायदा का सदस्य बताते हुए जान से मारने की धमकी दी थी।
अधिवक्ता ने 16 अगस्त की सुबह ईमेल देखने के बाद थाना देहात में तहरीर दी। पुलिस ने सोमवार रात अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी। अब पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर धमकी देने वाले तक पहुंचने में जुटी है। जांच टीम ईमेल के हेडर, सर्वर लॉग, आईपी एड्रेस, ईमेल भेजे जाने के समय और सर्वर रूट की जानकारी जुटा रही है। आईपी एड्रेस मिलने के बाद संबंधित इंटरनेट कनेक्शन और डिवाइस तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए गूगल इंडिया के साथ कैलिफोर्निया स्थित गूगल मुख्यालय से भी आवश्यक तकनीकी विवरण मांगा जा रहा है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि ईमेल आईडी का संचालन मोबाइल, कंप्यूटर या किसी अन्य डिवाइस से किया गया था। जरूरत पड़ने पर संबंधित इंटरनेट सेवा प्रदाता से भी रिकॉर्ड हासिल किया जाएगा। बुधवार को अधिवक्ता ने थाने पहुंचकर पुलिस के समक्ष अपने बयान दर्ज कराए।
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मामले की जांच की जा रही है। ईमेल भेजने वाली आईडी का आईपी एड्रेस और उससे जुड़ी तकनीकी जानकारी ट्रेस कराई जा रही है। आवश्यक डिटेल गूगल से मांगी गई है। तकनीकी जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। -अवधभान भदौरिया, सीओ