अमरोहा। साल 2024 विदाई की ओर है। यह साल परिवहन के क्षेत्र में काफी आगे बढ़ा है। जिले के लोगों को कई सहूलियत मिलीं तो कई मिलने की और अग्रसर हैं।
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अमरोहा डिपो से पानीपत, आगरा और सहारनपुर के लिए रोडवेज बस सेवा की शुरुआत हुई है। जबकि, कैल बकरी गांव से भी अमरोहा डिपो के लिए रोडवेज चलनी शुरू हो गई है। परिवहन निगम को 40 चालक और आउटसोर्स से 49 परिचालक मिले हैं। इतना ही नहीं बसों की कमी से जूझ रहे डिपो को बीएस-6 की 24 नई बसें मिली हैं।
हाईवे पर हादसों से निपटने के लिए कई अंडरपास का निर्माण हुआ है। जबकि, अमरोहा और गजरौला रेलवे स्टेशन का सौंदर्यीकरण हो रहा है। दोनों स्टेशनों पर लगभग 30 प्रतिशत काम पूरा हो गया है।
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पानीपत, आगरा और सहारनपुर के लिए शुरू हुई बस सेवा अमरोहा। नौगांवा सादात से कौशांबी दिल्ली के लिए रोडवेज बस की शुरुआत हुई है। अमरोहा डिपो से हरियाणा के पानीपत और अमरोहा डिपो से आगरा के लिए रोजाना बस मिलनी शुरू हो गई है। दोनों बड़े शहरों को बस सेवा शुरू होने से स्थानीय लोगों को बड़ी सहूलियत मिली है।
अमरोहा स्टेशन पर लालकुआं से मुंबई के लिए मिली ट्रेन सेवा अमरोहा। लंबी मांग के बाद पिछले दिनों लालकुआं से बांद्रा टर्मिनल के लिए साप्ताहिक विशेष ट्रेन का संचालन शुरू हो गया। इस ट्रेन का अमरोहा स्टेशन पर स्टॉपेज रहेगा। यह ट्रेन अमरोहा में दो मिनट के लिए रुका करेगी। ट्रेन हर सोमवार को संचालित होगी। इस ट्रेन से अमरोहा से यात्री मुंबई, दिल्ली, हापुड़ और गाजियाबाद के लिए भी सफर कर सकेंगे।
गजरौला और अमरोहा में हो रहा विस्तार का कार्य अमरोहा। अमृत योजना के तहत अमरोहा और गजरौला रेलवे स्टेशन का चयन हुआ। काफी समय से दोनों स्टेशन पर निर्माण कार्य चल रहा है। दोनों जगह पांच-पांच करोड़ की लागत से कार्य होना है। अमरोहा की बात करें तो यहां खोदाई का कार्य चल रहा है। जबकि, स्टेशन परिसर में टिकट खिड़की और अधिकारियों और स्टाफ के लिए वार्तालाप हॉल का निर्माण हो चुका है। उम्मीद है कि जल्द ही यात्री प्रतीक्षालय, इज्जतघर, कंट्रोल रूम और कैंटीन के अलावा ओवरब्रिज पार्किंग स्थल का निर्माण हो जाएगा। उधर, गजरौला में भी फुटओवर ब्रिज पर कार्य चल रहा है। वेटिंग हॉल समेत अन्य कार्य हो चुके हैं। आने वाले साल में इस स्टेशन का भी कायाकल्प हो जाएगा।
15 करोड़ रुपये से बन रहा अंडरपास गजरौला। नाईपुरा के सामने हाईवे पर अंडरपास बनाया जा रहा है। इसकी एक ढाल से दूसरे ढाल तक की लंबाई 800 मीटर है। चौड़ाई 30 मीटर और ऊंचाई साढ़े पांच मीटर रहेगी। इस पर 15 करोड़ खर्च किए जाएंगे। बीते कई महीने से अंडरपास बनाए जाने का काम चल रहा है। अगले साल मार्च तक अंडरपास का निर्माण कार्य पूरा हो सकता है। इसके बन जाने से जहां हाईवे पर जाम नहीं लगेगा। वहीं हादसे भी नहीं होंगे। हाईवे पर कोई कट नहीं होने के कारण नगर को आने जाने के लिए अब तक गलत दिशा का इस्तेमाल किया जाता है। अंडरपास बन जाने पर औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले श्रमिकों, कई गांवों के ग्रामीणों और छात्रों को बड़ा फायदा मिलेगा।
मैकेनिकल से इलेक्ट्रिकल हुए भानपुर, बसैली रेलवे फाटक :
रेलवे के लिए मौजूदा साल बड़ी उपलब्धियों से भरा रहा। रेलवे लाइन की मरम्मत के साथ ही दो फाटक मैकेनिकल से इलेक्ट्रिकल किए गए। दिल्ली-लखनऊ रेलवे लाइन पर ट्रेनों को 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ाने की कवायद चल रही है। इसके चलते लाइन पर मरम्मत कार्य किया गया। ब्रजघाट गंगा पर बने रेलवे पुल के गार्डर बदले गए। लाइन पर भानपुर रेलवे फाटक और बसैली रेलवे फाटक मैकेनिकल से इलेक्ट्रिकल किए गए। फाटक इलेक्ट्रिकल होने से अब ट्रेन गुजारने के लिए गेटमैन को चार से पांच मिनट पहले फाटक बंद करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। बटन दबाते ही फाटक बंद हो जाएगा और खुल जाएगा। बीते दिनों डीआरएम राजकुमार ने इलेक्ट्रिकल फाटक का निरीक्षण कर कहा कि जल्द ही कुछ अन्य फाटक भी इलेक्ट्रिकल किए जाएंगे।