डिडौली में श्मशान की जमीन लेकर दो पक्षों में विवाद से उपजा तनाव शनिवार को भी बरकरार रहा। इधर, शनिवार को एक पक्ष नें श्मशान में शेड निर्माण के लिए रखी गईं ईंटें, सरिया और बजरफुट चोरी करने और चिता की अस्थियों के साथ छेड़खानी का आरोप लगाकर प्रदर्शन किया। बाद में कोतवाली पहुंचकर मामले की तहरीर दी और कार्रवाई की मांग की। जमीन श्मशान की होने के संबंध में कागज भी दिखाए।
डिडौली में श्मशान की जमीन को लेकर दो पक्षों में विवाद है। एक पक्ष इसे श्मशान की जमीन बताते हुए यहां शेड का निर्माण कराना चाहता है। इसके लिए यहां ईंट, सरिया और बजरफुट मंगा कर रखा गया था। वहीं दूसरे पक्ष ने इसे ग्राम समाज की जमीन बताते हुए एसडीएम के यहां शिकायत की हुई है। इस पर कोतवाल ने शुक्रवार को मौके पर पहुंच कर निर्माण रुकवा दिया। दोनों पक्षों को कागज के साथ कोतवाली बुलाया था।
इसको लेकर गांव में तनाव हो गया था। इधर एक पक्ष का कहना है कि, शनिवार को वे श्मशान पहुंचे तो वहां पर रखा सामान गायब था। लोगों का आरोप था कि शुक्रवार को भी यहां शवदाह हुआ था। उसकी अस्थियां उठानी थीं, लेकिन किसी ने इसे भी बिखेर दिया था।
मौजूद लोगों ने इसके विरोध में नारेबाजी कर प्रदर्शन भी किया। इसके बाद ग्रामीण एकत्र होकर कोतवाली पहुंचे और तहरीर दी। आरोप लगाया कि शरारती तत्व श्मशान में रखी 10 क्विंटल सरिया, 10 हजार ईंट और बजरफुट उठा ले गए। इसके अलावा सामान को वहां बिखेर दिया। यहां अस्थियों के साथ भी छेड़खानी की गई।
ग्रामीणों ने मामले में कार्रवाई की मांग की। इसके साथ ही ग्रामीणों ने जमीन लेकर हाईकोर्ट के आदेश भी दिखाए। इस मौक पर विजेंद्र सिंह, महेंद्र, रविंद्र सिंह, शिव औतार, शेर सिंह, बबलू, शंकर, सुरेंद्र, राजेंद्र सिंह, कुलदीप सिंह, आखाशष ऋषिराज, अनिल, समरपाल, पप्पू, सि कुमार, लोकेश, ओमपाल, जीवन सिंह महेश, सुमिल, बंटी, अंकित, प्रधानपंति, जाहिद हुसैन, अशरफ अली, महावीर सिंह आदि थे।