कांठ। गाय और पर्यावरण की रक्षा के लिए देश भर में विख्यात, महान कथावाचक व श्री विश्नोई मंदिर (आश्रम) भीमगोड़ा हरिद्वार उत्तराखंड के महंत संत स्वामी राजेंद्रानंद जी महाराज (59) का अचानक हृदयगति रुकने से निधन होने पर समाज में शोक की लहर दौड़ गई। उनके अंतिम दर्शन करने के लिए कांठ और छजलैट क्षेत्र से भारी संख्या में लोग हरिद्वार पहुंचे। प्रत्येक समाज के लोगों ने संत के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।
संत स्वामी राजेंद्रानंद जी महाराज मूल रूप से निकटवर्ती जनपद बिजनौर के गांव रैनी के रहने वाले थे। वह बाल्यकाल में ही साधु-संतों की शरण में चले गए थे। उन्होंने गुरु दीक्षा लेने के बाद विश्नोई समाज के साथ ही अन्य समाजों के लोगों को एक नई दिशा देने का काम किया था। देश के कोने-कोने में श्री जाम्भाणी हरिकथा का वाचन करते हुए वृक्षों, गो माता और पृथ्वी की रक्षा के लिए लोगों को जागरूक करने का काम किया। जिससे संत स्वामी राजेंद्रानंद जी महाराज एक विख्यात संत के रूप में प्रसिद्ध हुए। उनका अचानक निधन होने से कांठ नगर, गांव महमूदपुर माफी, रसूलपुर गुर्जर, पेली विश्नोई, हिरनपुरा, अहमदपुर निंगू नंगला, खलीलपुर कद्दीम, सलेमपुर, मुख्त्यारपुर नवादा, पट्टीवाला, फत्तेहपुर विश्नोई आदि गांवों सहित क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
नगर सहित तमाम गांवों में उन्होंने अनेकों बार श्री जाम्भाणी हरिकथा का वाचन कर समाज के लोगों को सनातन और धर्म की रक्षा का संदेश भी दिया था। उनके निधन पर कांठ के निवर्तमान भाजपा विधायक राजेश कुमार सिंह चुन्नू, सहकारी गन्ना समिति के चेयरमैन कुंवर सुरेंद्र सिंह विश्नोई, नगर पंचायत अध्यक्ष इकबाल आलम, चेयरमैन उमरी कलां हाजी मोहम्मद उस्मान अली, व्यापार मंडल के अध्यक्ष निरूपम विश्नोई, भाजपा जिला महामंत्री राजन विश्नोई, भाकियू टिकैत के प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी ऋषिपाल सिंह, सेंट पॉल्स इंटरनेशनल स्कूल के प्रबंधक जितेंद्र विश्नोई, भाजपा नेता मुकेश माहेश्वरी, बसपा नेता ओमप्रकाश सिंह बौद्ध, वैश्य सभा अध्यक्ष मोहित माहेश्वरी, अजय कुमार विश्नोई, तहसील बार महासचिव दीपक विश्नोई, भानू विश्नोई, धर्मपाल सिंह विश्नोई, अशोक कुमार विश्नोई, भारत विकास परिषद के प्रांतीय मीडिया प्रभारी सुदेश विश्नोई, आरएसएस के जिला संघचालक कृष्ण गोपाल सिंह, जिला व्यवस्था प्रमुख राजेंद्र सिंह, युवा भाजपाई जीतू वर्मा, नीरज विश्नोई एनवाईसी, अनुज विश्नोई, अभय विश्नोई, अमित पहलवान, विष्णुदास विश्नोई, अरविंद चौधरी गुरू जी, सौरभ अग्रवाल, नकुल विश्नोई, वकील अहमद, संजीव गुप्ता, महेशचंद्र गुप्ता, कफिल अहमद, अकिल अहमद, बम बटक एकता मंच के अध्यक्ष डॉ. देवराज सिंह, सीपी सिंह, राजकुमार सेवक, दिलावर सिंह, रामवीर सिंह, अखिल भारतीय गुर्जर महासभा जिलाध्यक्ष नितिन विश्नोई, श्रीओम विश्नोई, एआईएमआईएम नेता जुल्फिकार अहमद, खलील अहमद सिद्दीकी, ओमवीर सिंह विश्नोई आदि तमाम लोगों ने उनके निधन पर दुख व्यक्त किया है।
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नगर में चल रही कथा बीच में रोकी
कांठ। नगर के विशनपुरा स्थित श्री विश्नोई मंदिर में भगवान श्री कृष्ण और विश्नोई पंथ के संस्थापक गुरु जम्भेश्वर जी महाराज के जन्मोत्सव पर चल रही श्री हरिकथा ज्ञान यज्ञ व अन्य कार्यक्रम को संत स्वामी राजेंद्रानंद जी महाराज के निधन की खबर मिलते ही बीच में रोक दिया गया। यहां कथावाचक संत स्वामी रामेश्वरानंद जी महाराज समराथल राजस्थान ने मंच से ही कार्यक्रम स्थगित होने की घोषणा की। इसके बाद कांठ से संत स्वामी रामेश्वरानंद महाराज, संत स्वामी अशोकानंद महाराज, स्वामी ऋषिदानंद महाराज, महंत स्वामी चमनऋषि महाराज, स्वामी कृष्णानंद महाराज, जगदेवानंद महाराज आदि संत भी हरिद्वार के लिए रवाना हो गए। संवाद
नोट: श्री मान डेस्क प्रभारी जी, निवेदन करना है कि इस खबर के प्रमुखता से फोटो सहित स्थान देने की कृपा करें। क्योंकि जिन संत स्वामी राजेंद्रानंद जी महाराज का निधन हुआ है। वह विश्नोई समाज से ताल्लुख रखते थे। कांठ क्षेत्र विश्नोई बाहुल्य होने के कारण इस समाज के लोग सबसे अधिक अमर उजाला और उसकी खबरों को ही पसंद करते हैं। संत निधन पर विश्नोई समाज के साथ ही अन्य समाजों के लोगों में भी शोक है।